माननीय मुख्य न्यायाधीश की माताजी की पुण्य स्मृति में शांति हवन एवं श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न
इसके पश्चात भजन संध्या एवं शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की गई।
इसके पश्चात भजन संध्या एवं शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की गई।
कोर्ट ने पुलिस की इस कार्रवाई को मध्यकालीन और अमानवीय करार दिया। चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की कि किसी आरोपी को अर्धनग्न कर, उसका उपहास उड़ाते हुए सार्वजनिक जुलूस निकालना सभ्य समाज और कानून
पुलिस के इस मानसिक दबाव में आकर धीर्मेंद्र मंज़ारे ने रास्ते में कोई ज़हरीला पदार्थ खा लिया। उनकी पत्नी रामेश्वरी ने उन्हें तत्काल एनटीपीसी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें अपोलो अस्पताल रेफर किया गया।
बिलासपुर। पत्रकारिता की आड़ में भयादोहन कर जबरन पैसे वसूलने की कोशिश करने वाले तीन...
You cannot copy content of this page