गरियाबंद। जिला प्रशासन ने खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी को सुचारु, पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं। कलेक्टर भगवान सिंह उइके के निर्देश पर ऐसे सभी किसान, जिनका धान खरीदी हेतु रकबा (भूमि क्षेत्रफल) अब तक संशोधित नहीं हो पाया है, वह तत्काल संबंधित प्राथमिक कृषि साख समिति में उपस्थित होकर अपना रकबा संशोधन अनिवार्य रूप से करा लें।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि रकबा संशोधन समय-सीमा के भीतर नहीं होने की स्थिति में किसानों को धान विक्रय के दौरान तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अतः किसानों के हित में यह आवश्यक है कि वे अपने खसरा, फसल बोआई विवरण, पट्टा/स्वामित्व दस्तावेज, भुइंया/पटवारी अभिलेख सहित अन्य आवश्यक कागजात लेकर समिति कार्यालय में संपर्क करें और अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करायें ।
बताया जा रहा है कि रकबा संशोधन से वास्तविक बोये गये रकबे के अनुसार ही धान खरीदी होगी, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा और पात्र किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। समिति प्रबंधन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन दें और संशोधन कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किये बिना शीघ्र रकबा संशोधन करा लें, ताकि धान खरीदी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो और शासन की नीतियों के अनुरूप लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त हो सके।
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