जहां अदालती आदेश उपेक्षित, वहां आम आदमी की क्या बिसात ?
सरकार की शक्ति उसके आदेशों में नहीं, बल्कि उन आदेशों के प्रति जनता के विश्वास में निहित होती है।
सरकार की शक्ति उसके आदेशों में नहीं, बल्कि उन आदेशों के प्रति जनता के विश्वास में निहित होती है।
उप निदेशक स्पष्ट चेतावनी देते हुये कहते हैं कि अपने कहे अनुसार 2 दिवस में 162 आरोपियों ने सरेंडर नही किया तो दल-बल के साथ गिरफ्तारी की प्रक्रिया फिर शुरू होगी..
किरीट ठक्कर,। दलतंत्र और अफसरशाही ने राईट टू इनफार्मेशन 2005 की नींव हिला डाली है।...
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