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दुर्ग । पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़ा करने वाला एक चौंकाने वाला मामला दुर्ग जिले से सामने आया है। मोहन नगर थाना क्षेत्र में पदस्थ रही बर्खास्त महिला प्रधान आरक्षक मोनिका सोनी गुप्ता को चोरी के मामले में जब्त किये गये सोने के जेवरात गबन करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के समय वह नौ माह की गर्भवती थीं और 10 फरवरी को जिला अस्पताल में उसने एक पुत्र को जन्म दिया है। नवजात शिशु फिलहाल मां के साथ जेल में ही रहेगा।
मिली जानकारी के अनुसार जुलाई 2022 में सिंधिया नगर क्षेत्र में हुई चोरी की घटना में करीब 79 ग्राम सोने के आभूषण और 32 हजार रुपये नकद चोरी हुये थे। जून 2023 में तत्कालीन प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता ने स्वयं आरोपी को पकड़कर चोरी गये जेवरात बरामद करने की कार्रवाई की थी, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2.5 लाख रुपये बताई गई।
आरोप है कि बरामद जेवरात पीड़िता को लौटाने के बजाय उसने अपने पास ही रख लिये और उच्च अधिकारियों को गलत जानकारी देते हुये बताया कि आभूषण थाने की अलमारी में सुरक्षित हैं।
बाद में विभागीय जांच तथा सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर गबन की पुष्टि हुई। मार्च 2025 में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद वह फरार चल रही थीं। अंततः 2 फरवरी 2026 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस दौरान हाई कोर्ट से भी उन्हें जमानत नहीं मिल सकी।
आपको बता दें कि मोनिका गुप्ता के खिलाफ पूर्व में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला भी सिद्ध हो चुका है, जिसके चलते उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया था।







