नदी बचाओ अभियान : जनसहयोग में हजारों हाथ का साथ

नदी को पुनर्जीवित करने के सात्विक और पर्यावरणीय विचार ने सुखा नदी बचाओ अभियान का रूप ले लिया है..

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नदी को पुनर्जीवित करने के सात्विक और पर्यावरणीय विचार ने सुखा नदी बचाओ अभियान का रूप ले लिया है। इस विचार व अभियान को मूर्तरूप दे रहे बुद्धिजीवीयों व जनप्रतिनिधियों के समर्थन में हजारों लोगों की सहभागिता सामाजिक दायित्व और पर्यावरण संरक्षण मुहिम का हिस्सा बन गई। 

सूखा नदी बचाओ अभियान

गरियाबंद / छुरा। सूखा नदी बचाओ अभियान को जनसमर्थन और जनसहयोग मिला है गरियाबंद जिले के छुरा नगर में, जहां इस सूखा नदी बचाओ अभियान के तहत नदी में जमा गाद (मिट्टी) की व्यापक सफाई कार्य प्रारंभ हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाई।

अभियान का उद्देश्य सुखा नदी की पुरानी धारा को पुनर्स्थापित करना एवं जल प्रवाह को सुचारु बनाना है। सुबह 6 बजे से शुरू हुये इस श्रमदान कार्यक्रम में युवाओं, किसानों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुये ट्रैक्टर एवं अन्य मशीनी उपकरणों की मदद से नदी से गाद और कचरा निकालने का कार्य किया।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से नदी का जलस्तर सुधरेगा, जिससे खेती-किसानी को भी लाभ मिलेगा और पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। अभियान को सफल बनाने के लिये प्रशासन और नागरिकों का सामूहिक प्रयास जारी है।

क्षेत्रीय जीवन रेखा, संरक्षित रखना सामूहिक जवाबदारी

लुकेश्वरी निषाद, अध्यक्ष नगर पंचायत छुरा

इस अवसर पर नगर पंचायत छुरा की अध्यक्ष लुकेश्वरी थानसिंग निषाद ने कहा कि सुखा नदी हमारे क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसे स्वच्छ एवं संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आम जनता से अपील की, कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस जनहितकारी अभियान में सहयोग प्रदान करें।

राजनीति नही चाहिये –

अब्दुल समद खान

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अब्दुल समद खान रिजवी ने कहा कि सूखा नदी छुरा नगर के लिये जीवनदायिनी है जिसके सफाई अभियान में आमजनों का सहयोग के साथ शासन का भी सहयोग जरूरी है सफाई अभियान में राजनीति नहीं होनी चाहिये।

जल स्त्रोतों की स्थिति चिंताजनक 

हरीश यादव, पार्षद छुरा नगर पंचायत

पार्षद कांग्रेस हरीश यादव कहते हैं कि छुरा नगर में स्वच्छता के साथ सार्वजनिक जलस्रोतों नदी तालाब कुएं की स्थिति बहुत चिंताजनक है इनके अस्तित्व को बचाये रखने के लिये राजनीति से हटकर जिम्मेदारी पूर्वक हर व्यक्ति का निजी योगदान होना जरूरी है। योगदान पूर्ण समर्पण की भावना से हो, फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी के लिये नही।

लंबा समय, जनआंदोलन, और फंड की विशेष आवश्यकता 

बलराज पटेल, सभापति, छुरा

नगर पंचायत छुरा के सभापति बलराज पटेल का कथन है कि सूखा नदी की सफाई अभियान एक दो दिन में होने वाला कार्य नहीं है। इसके लिये एक वृहद जन आंदोलन और धनराशि भी आवश्यक है।

चित्ररेखा ध्रुव

नगर पंचायत छुरा की ही महिला सभापति चित्ररेखा ध्रुव ने चिंता व्यक्त करते बताया कि नगर के पूर्व कालीन सार्वजनिक जल स्रोत कुंआ-बावली ना सिर्फ पाट दिये गये बल्कि अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। सूखा नदी में नगर का गंदा पानी नालियों द्वारा जा रहा है, कचरा फेंका जा रहा है ? सूखा नदी का सफाई अभियान प्रतिकात्मक न होकर निरंतर जिम्मेदारी के साथ होना चाहिये।

आपको बता दें कि इस अभियान में युवराज सिन्हा, नगर पंचायत अध्यक्ष लुकेश्वरी थानसिंग निषाद, जिला महामंत्री थानसिंग, पार्षद चित्ररेखा ध्रुव, रजनी गिरवर लहरे, पंचराम टंडन, देवसिंह नेताम, बलराज पटेल,नारायण पटेल, भवानीशंकर सेन, निखिल साहू, कुश साहू,अजय चंद्राकर, संतोष ध्रुव, महेंद्र द्विवेदी, चित्रसेन देवांगन, तुलसी साहू, सुनीता चंद्राकर, हेमलता ध्रुवा, वेदिका वासनिक, भगवंतीन सिन्हा तथा ट्रैक्टर संघ अध्यक्ष मानसिंग़ निषाद रुक्मण निषाद, मितेश साहू, संघ के सचिव खूबचंद चंद्राकर, समारु साहू, पुरुषोत्तम सिन्हा, अजय सिन्हा एवं अन्य सभी ट्रैक्टर संचालकों का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा।

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