बालोद–पाररास बायपास पर हादसे को खुला न्योता

बारिश के मौसम में मिट्टी के कटाव और तेज हवाओं के कारण विद्युत पोलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में यदि कोई पोल अचानक गिरता है, तो…

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वर्षों से तिरछे खड़े विद्युत पोल : स्थानीय लोगों ने जताई चिंता, समय रहते कार्रवाई की मांग

साजू चाको, बालोद। पाररास बायपास मार्ग पर लगे अनेकों विद्युत पोल इन दिनों अपनी जर्जर और झुकी हुई स्थिति के कारण राहगीरों के लिये चिंता का विषय बने हुये हैं, कई स्थानों पर पोल स्पष्ट रूप से एक ओर झुके दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि तेज बारिश, आंधी या अधिक भार पड़ने की स्थिति में वे कभी भी गिर सकते हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन पोलों की स्थिति लंबे समय से ऐसी ही बनी हुई है,लेकिन अब तक संबंधित विभाग द्वारा कोई प्रभावी मरम्मत या तकनीकी जांच नहीं कराई गई है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इनकी मरम्मत नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

बारिश के मौसम में मिट्टी के कटाव और तेज हवाओं के कारण विद्युत पोलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में यदि कोई पोल अचानक गिरता है, तो राहगीरों- दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ आसपास के लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है, साथ ही विद्युत आपूर्ति बाधित होने और करंट फैलने जैसी गंभीर परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और बिजली विभाग को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से ही आवश्यक कदम उठाने चाहिये। उनका कहना है कि नियमित निरीक्षण और समय पर रख-रखाव से ऐसी संभावित घटनाओं को आसानी से टाला जा सकता है।

व्यंग्य की एक झलक
“लगता है इन पोलों को भी आदेश मिला है—’जब तक गिर न जाओ, तब तक डटे रहो।,,
या फिर…
“बिजली विभाग की कार्यशैली कुछ ऐसी नजर आती है—’समस्या दिखे तो नोट कर लो, समाधान बाद में देखेंगे।'”
जनता की मांग
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि झुके हुये विद्युत पोलों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाये। जहां मरम्मत संभव हो, वहां पोलों को सुरक्षित किया जाये और जहां आवश्यकता हो, वहां नये पोल स्थापित किये जाये, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। इससे राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में जन-धन की हानि से बचा जा सकेगा।

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