विकास के दावों की पोल खुली – सड़कें बनीं तालाब..
साजु चाको, बालोद। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने बालोद नगर पालिका के ड्रेनेज सिस्टम की सफाई के बड़े-बड़े खोखले दावों की धज्जियां उड़ा दी है। नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही का खामियाजा आज शहर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
बरसात के दौरान देखा जा सकता है कि नगर के रिहायशी इलाकों की मुख्य सड़कें पूरी तरह से दरिया में तब्दील हो चुकी हैं। ड्रेनेज और नालियों के चोक होने के कारण बारिश का गंदा पानी सड़कों और घरों में तक जमा हो गया है, जिससे स्थिति बद से बदतर हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा हर साल सफाई के नाम पर बजट पास किया जाता है, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं दिखता,समय रहते नालियों की गाद नहीं निकाली गई, जिसका नतीजा आज पूरा शहर और आम जनता भुगत रही है।
जनता अब नगर पालिका प्रशासन से जवाब मांग रही है कि आखिर टैक्स भरने के बाद भी उन्हें नारकीय जीवन जीने के लिये क्यों छोड़ दिया गया है ? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ? या सफाई व्यवस्था चरमरा गई हैं ? क्या पालिका को बारिश के मौसम का पता नहीं है था ? या गहरी नींद में अभी भी है ?


