लापरवाही और भ्रष्टाचार का वो पुल..जिससे होकर नाकामी व अफसरशाही का सच सामने आया

बात सिर्फ सूचना फलक की नही है.. बल्कि स्थानीय बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव का सवाल ये भी है कि जब..

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गरियाबंद। जिले के मैनपुर ब्लॉक में निर्माणाधीन एक पुल ईन दिनों सुर्खियों में है। विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से सिर्फ 5 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम देहारगुड़ा और खामभांठा के बीच पिछले 5 वर्षों से निर्माणाधीन इस पुल की लागत अंदाजन करोडों में बताई जा रही है। यहां हम अंदाजन इसलिये लिख रहे हैं कि निर्माण स्थल के आस पास कोई सूचना फलक नही है। ये सवाल गरियाबंद जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता व भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक मुरलीधर सिन्हा भी पूछ रहे हैं कि आखिर करोड़ों के पुल निर्माण स्थल पर कोई सूचना बोर्ड क्यों नहीं है ? निरीक्षण में पहुंचे कलेक्टर ने इस पर गौर किया या नही ? अगर किया तो साईट पंजी में क्या लिखा ? मुरलीधर सिन्हा कहते हैं कि अब सवाल पारदर्शिता का है, इसीलिये सब कुछ स्पष्ट और सार्वजनिक होना चाहिये।

बात सिर्फ सूचना फलक या बोर्ड की नही है, बात ये है कि जिस पुल से आम लोगों का सरल सुगम आवागमन होना था, उस अधूरे पुल से गुजर कर सिस्टम की लापरवाही का शोर दूर तलक सुनाई दिया है। तकरीबन 15 से 20 फ़ीट ऊंचे निर्माणाधीन अधूरे पुल पर बांस या लकड़ी की सीढ़ी से चढ़ते स्कूली छात्रों की तकलीफ को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महसूस किया है। स्कूल पहुंचने की जद्दोजहद करते नन्हें कदमों की परेशानी और ग्रामीणों की मजबूरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महसूस किया है, और इसके बाद आधिकारिक कवायद सुर्खियां बटोर रही है।

बात सिर्फ सूचना फलक की नही है.. बल्कि स्थानीय बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव का सवाल ये भी है कि जब ग्रामीण बरसात के पहले ही आने जाने के लिये वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे थे तब ध्यान क्यों नहीं दिया गया ? बात सेतु निगम के उस संभागीय अधिकारी की भी है जिन पर लोग लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं।

और अब सिर्फ बात नहीं, क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा सीधे-सीधे आरोप लगाते हैं कि इस तरह की लापरवाही और आम नागरिकों को हो रही दुश्वारी, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि जिले में निर्माणाधीन समस्त विकास कार्यों का प्रभावी निरीक्षण किया जाये और सुनिश्चित समयावधि में निर्माण पूरा ना करने वाले ठेकेदारों,लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की जाये।

वैसे, इस पुल को लेकर एनएचआरसी द्वारा जारी किये गये नोटिस के बाद स्थल निरीक्षण करने पहुंचे गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को पुल के दोनों तरफ निर्माण सम्बन्धी सूचना फलक लगाने के निर्देश दिये हैं साथ ही समय सीमा में निर्माण पूरा करने व फिलवक्त आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिये हैं।

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