सवारी बस से 91.592 किलो गांजा जब्ती के बाद गरियाबंद में परिवहन संघ का विरोध- प्रदर्शन

एक ओर पुलिस मामले को गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई बता रही है, वहीं बस चालक-कंडक्टर संघ ने गरियाबंद के बस प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई पर..

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 बस की डिक्की से 67.842 किलो गांजा बरामदगी पर ड्राइवर संघ ने उठाये सवाल, तिरंगा चौक पर चक्काजाम की स्थिति

 

गरियाबंद-मैनपुर पुलिस की कार्रवाई में 04 आरोपी गिरफ्तार, दो मामलों में 45.79 लाख रुपये का गांजा जब्त

गरियाबंद। जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ गरियाबंद और मैनपुर पुलिस की दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 91.592 किलो गांजा जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार जब्त गांजे की कुल कीमत करीब 45 लाख 79 हजार 600 रुपये है। कार्रवाई के बाद गरियाबंद में बस परिवहन से जुड़े ड्राइवर-कंडक्टर संघ ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुये विरोध प्रदर्शन किया और तिरंगा चौक पर चक्काजाम कर दिया।

 

बस की डिक्की से मिला 67.842 किलो गांजा

पुलिस के अनुसार 4 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि देवभोग-रायपुर रूट पर चलने वाली महेश बस क्रमांक CG 04 EA 0634 के जरिये गांजे का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस और स्पेशल टीम ने गरियाबंद बस स्टैंड में बस की तलाशी ली। इस दौरान बस की पिछली डिक्की में रखी पांच जूट की बोरियों में सात पैकेट से 67.842 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने इसकी कीमत 33 लाख 92 हजार 100 रुपए बताई है।

मामले में पुलिस ने बस के चालक-परिचालक, शमसुद्दीन (41), निवासी हमीरपुर उत्तर प्रदेश, हाल रायपुर और आशोक यदू (32), निवासी देवभोग को गिरफ्तार किया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने ओडिशा के कालाहांडी जिले के जुनागढ़ थाना क्षेत्र निवासी भजन धुरवा (35) को भी आरोपी बनाया और गिरफ्तार किया।

पुलिस ने गांजे के साथ पांच जूट की बोरियों में भरा 137.300 किलो चावल, करीब 15 लाख रुपये कीमत की बस, करीब 1.50 लाख रुपये का ऑटो तथा दो मोबाइल फोन भी जब्त किये हैं।

कार्रवाई पर ड्राइवर संघ ने जताई आपत्ति

पुलिस की कार्रवाई के बाद बस परिवहन कर्मचारी संघ ने इसे लेकर आपत्ति जताई। संघ के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक गरियाबंद को दिये गये ज्ञापन में बस के चालक-कंडक्टर पर दर्ज एनडीपीएस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और ड्राइवर-कंडक्टर को निःशर्त रिहा करने की मांग की गई है।

 

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मामले की पूरी जांच किये बिना बस के ड्राइवर-कंडक्टर को आरोपी बनाया गया। संघ का कहना है कि यदि गांजा किसी पार्सल के माध्यम से भेजा गया था तो पार्सल भेजने वाले और संबंधित एजेंट की भूमिका की भी जांच होनी चाहिये। संघ ने 24 घंटे के भीतर राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद संघ से जुड़े लोगों ने तिरंगा चौक पर चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया।

पुलिस ने सवारी बसों में गांजा तस्करी के दो मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(II)(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

एक ओर पुलिस मामले को गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई बता रही है, वहीं बस चालक-कंडक्टर संघ ने गरियाबंद के बस प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाये हैं। ऐसे में बस की डिक्की तक गांजा कैसे पहुंचा, पार्सल किसने भेजा और चालक-कंडक्टर की वास्तविक भूमिका क्या थी, इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।

 

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