डीएमएफ के 21 करोड़ रुपयों से विकास कार्यों की बनेगी कार्ययोजना

डीएमएफ निधि का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहित को ध्यान में रखते हुये किया जायेगा, ताकि खनिज प्रभावित क्षेत्र के लोगों को…

खनिज न्यास (4)

पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं अधोसंरचना विकास को मिलेगी प्राथमिकता

गरियाबंद। आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर बी.एस.उइके की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर उइके ने खनिज प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देते हुये संबंधित विभागों को आवश्यक एवं उपयोगी कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित डीएमएफ वार्षिक कार्ययोजना के तहत लगभग 21 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न विकास कार्यों पर व्यय की जायेगी। इनमें उच्च प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के लिये 1 करोड़ 50 लाख रूपये, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदुषण नियंत्रण उपाय के लिये 70 लाख रूपये, स्वास्थ्य के लिये 3 करोड़ रूपये, शिक्षा क्षेत्र के लिये 3 करोड़ रूपये, महिला एवं बाल विकास के लिये 1 करोड़ रूपये, वृद्धजन एवं दिव्यांग जन कल्याण के लिये 1 करोड़ रूपये, कौशल विकास एवं आजीविका सृजन के लिये 50 लाख रूपये, स्वच्छता के लिये 50 लाख रूपये, आवास के लिये 20 लाख रूपये, कृषि के लिये 3 करोड़ 10 लाख रूपये, पशुपालन के लिये 50 लाख रूपये आबंटित किये गये है।

अन्य प्राथमिकताओं में भौतिक अधोसंरचना के लिये 4 करोड़ रूपये, सिंचाई के लिये 70 लाख रूपये, ऊर्जा वाटर एवं शेड निर्माण के लिये 1 करोड़ रूपये तथा अन्य के लिये 30 लाख रूपये आबंटित किये गये है।

कलेक्टर ने बताया कि कुल निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, जैसे पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, महिला एवं बाल विकास, वृद्ध एवं दिव्यांगजन, कौशल विकास तथा आजीविका, स्वच्छता, आवास, कृषि, पशुपालन संवर्धन संबंधी कार्यों के लिये प्रस्तावित किया गया है। वहीं शेष 30 प्रतिशत राशि अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं वाटर शेड निर्माण एवं अन्य जनसुविधाओं के विकास कार्यों पर खर्च की जायेगी।

कलेक्टर उइके ने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहित को ध्यान में रखते हुये किया जायेगा, ताकि खनिज प्रभावित क्षेत्र के लोगों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार हो।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, जिला पंचायत के उप संचालक पद्मनी हरदेल सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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