बैंक अधिकारियों को निर्देश : लोगों को हितग्राही मूलक बैंकिंग सुविधाओं से करे लाभान्वित – कलेक्टर उइके

कुछ बैंक शाखाओं का ऋण अनुपात संतोषजनक नहीं है।

डीएलसीसी बैठक

गरियाबंद। कलेक्टर बी.एस.उइके ने जिले के बैंक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब हितग्राहीमूलक योजनाओं के प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई जिला स्तरीय समीक्षा एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक में कलेक्टर ने पाया कि कई शाखाओं में शासकीय विभागों द्वारा भेजे गये प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं।

कलेक्टर उइके ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन एवं पशुपालन विभाग के प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत किया जाय। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि अब किसी भी शाखा स्तर पर हितग्राही के आवेदन लंबित नहीं रहने चाहिये।

बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ बैंक शाखाओं का ऋण अनुपात संतोषजनक नहीं है। कलेक्टर ने ऐसी शाखाओं को निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता क्षेत्र, कृषि क्षेत्र और एमएसएमई ऋण वितरण में सुस्ती नहीं चलेगी।

कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना में पंजीयन को लेकर कई बैंक शाखाओं का प्रदर्शन बेहद कमजोर है। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर अधिकतम लोगों को योजनाओं से जोड़े, अन्यथा आगामी समीक्षा बैठक में संबंधित बैंक अधिकारियों से जवाबदेही तय की जायेगी।

इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला व्यापार उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, एनआरएलएम, खादी ग्रामोद्योग, आदिवासी एवं अंत्योदय स्वरोजगार विभाग के अधिकारी तथा सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।


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