9 भारतीय विशाल गिलहरियों के शिकारी गिरफ्तार

ओडिशा वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा साझा किये गये एक इंस्टाग्राम वीडियो रील के आधार पर, जिसमें दो व्यक्तियों को 9 भारतीय विशाल गिलहरियों…

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यूएसटीआर, राज्य फ्लाइंग स्क्वॉड एवं दंतेवाड़ा वन मंडल की संयुक्त टीम की कार्यवाही

गरियाबंद। ओडिशा वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा साझा किये गये एक इंस्टाग्राम वीडियो रील के आधार पर, जिसमें दो व्यक्तियों को 9 भारतीय विशाल गिलहरियों (Ratufa indica – वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-1 में संरक्षित प्रजाति तथा महाराष्ट्र का राज्य पशु) के साथ देखा गया था, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग यूनिट ने राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड एवं दंतेवाड़ा वन मंडल की टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों की पहचान की।

विशाल गिलहरियों का शिकारी गिरफ्तार

आरोपियों के इंस्टाग्राम रील्स की आगे की जांच से उनके संभावित स्थान का पता लगाया गया। संयुक्त टीम ने 8 अप्रैल 2026 को दंतेवाड़ा जिले के बारसूर क्षेत्र से आरोपी बंसीराम कोवासी को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी के घर पर तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई के दौरान एक भालू (स्लॉथ बियर) की खाल एवं जानवरों को फंसाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फंदे बरामद किए गये।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने आसपास के क्षेत्र से इन गिलहरियों का शिकार बुश मीट (जंगली मांस) के सेवन के लिए किया था। फरार आरोपियों पर निगरानी रखी जा रही है।

भारतीय विशाल गिलहरी एक महत्वपूर्ण बीज प्रसारक (seed disperser) है, जो देशी पेड़ों के पुनर्जनन में सहायता करती है और स्वस्थ वन संरचना बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यह एक संकेतक प्रजाति (indicator species) भी है, जिसकी उपस्थिति घने वृक्षों की निरंतरता (canopy connectivity) और कम मानवीय हस्तक्षेप को दर्शाती है।
वन विभाग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अवैध वन्यजीव व्यापार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिये प्रतिबद्ध है तथा आम नागरिकों से ऐसे मामलों की सूचना देने की अपील करता है।

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