एक तरफ तालाब से मुरुम खनन पर रोक की खबर : दूसरी तरफ आज भी खनन जारी

स्थानीय प्रशासन मौन साधे हुये है। अस्पष्टता की स्थिति से नागरिक असमंजस में है। जनता जानना चाहती है कि आखिर उनके नगर की ऐतिहासिक सार्वजनिक धरोहर के साथ क्या हो रहा है ?

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गरियाबंद। कुछ अखबारी खबरों के मुताबिक नगर के नया तालाब से मुरुम खनन पर रोक लगा दी गई थी, किन्तु आज सुबह से ही नया तालाब से मुरुम खनन जारी रहा है। एक जेसीबी और दो से तीन हाइवा, आज दिन भर लगातार मुरुम खनन में लगे रहे। कार्य स्थल पर हाइवा चालक तथा मशीन ऑपरेटर ने बताया कि हमारा काम चल रहा है। कही कोई रोक नहीं लगी है।

शनिवार को जिला मुख्यालय के नया तालाब में मुरुम खनन..

आपको बता दें कि नगर के नया तालाब में गहरीकरण के नाम पर बिना परमिट, बिना डीसीआर व पर्यावरण अनुमति के बेधड़क अवैध खुदाई के आरोप लगाये गये है। मीडिया में चली खबरों की माने तो नया तालाब से परिवहन बताकर गौण खनिज मुरुम का अवैध खनन किया जा रहा है, और उसके व्यवसायिक उपयोग की जानकारी भी सामने आती है। जबकि मामले में संबंधितों की चुप्पी या देखता/देखती हूँ का जवाब मामले को और संदिग्ध बना रहा है।

स्थानीय प्रशासन मौन साधे हुये है। अस्पष्टता की स्थिति से नागरिक असमंजस में है। जनता जानना चाहती है कि आखिर उनके नगर की ऐतिहासिक सार्वजनिक धरोहर के साथ क्या हो रहा है।

दूसरी तरफ खनिज विभाग की कार्यवाही भी संदेह के दायरे में है, चर्चा है कि जानबूझकर खनिज अधिकारी दूर-दराज जाकर कार्यवाही के नाम पर खाना पूर्ति कर रही है, जबकि जिला मुख्यालय में चल रहे अवैध खनन पर चुप्पी साधे हुये है, उनका पक्ष जानने की हमारी कोशिश असफल हुई है, उन्होंने फोन रिसीव नही किया।

पालिका अधिकार संध्या वर्मा ने दो दिन पहले नया तालाब से मुरुम खनन और परिवहन को उचित प्रक्रिया के तहत बताया था, किन्तु आज उन्होंने भी फोन रिसीव करना जरूर नही समझा।

माना जा रहा है कि नया तालाब को लेकर स्थानीय प्रशासन को वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिये। अगर कुछ संदिग्ध नही है, तो स्पष्टता और पारदर्शिता जरूरी है।


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