आरसीसी कलवर्ट पाइप की चोरी : तथाकथित सभ्रांत का विरोधाभासी चरित्र उजागर

रविवार और सोमवार की दरमियानी रात, लगभग 9 से 10 बजे के बीच, ग्रामीणों ने दो आरसीसी कलवर्ट पाइप की चोरी करते हुये कुछ लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया..

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गरियाबंद। अक्सर कहा जाता है कि “रंगे सियारों की कलई कही ना कहीं खुल ही जाती है।” कुछ ऐसा ही मामला जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव से सामने आया है, जहां एक कथित सभ्रांत व्यक्ति का विरोधाभासी चेहरा उजागर हुआ है।

रविवार और सोमवार की दरमियानी रात, लगभग 9 से 10 बजे के बीच, ग्रामीणों ने दो आरसीसी कलवर्ट पाइप की चोरी करते हुये कुछ लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

ट्रैक्टर ड्राईवर

दरअसल, आरसीसी कलवर्ट पाइप का उपयोग सड़कों पर बरसाती नालों या छोटी नदी के ऊपर रपटा या छोटा पुल बनाने में किया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में “दोन” कहा जाता है।

जानकारी के अनुसार, ये दो नग कलवर्ट पाइप ग्राम सढ़ोली और आमदी (म) के बीच स्थित एक बरसाती नाले में आवागमन सुगम बनाने के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा लगाये गये थे। हाल ही में यहां एक उच्च स्तरीय पुल बनने के बाद ये पाइप सड़क किनारे लगभग अनुपयोगी अवस्था में पड़े हुये थे।

रविवार रात कुछ लोग जेसीबी मशीन की मदद से इन पाइपों को उठाकर ट्रैक्टरों में लोड कर ले जा रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ गई, देखते ही देखते सढ़ोली गांव के लगभग 20–25 ग्रामीण— जिनमें विष्णुराम पटेल, कुलमनी कश्यप, राजू पटेल और हमेश यादव शामिल थे—मौके पर पहुंचे और चोरी का विरोध करते हुये दोनों ट्रैक्टरों को रोक लिया। हालांकि, जेसीबी चालक मशीन लेकर मौके से फरार हो गया।

ग्रामीणों के अनुसार, इस घटना में नगर का एक व्यक्ति तरुण यादव भी शामिल था, जो मौके पर मौजूद था। तरुण यादव ने ग्रामीणों को बताया कि वह किसी एसडीओ के मौखिक निर्देश पर पाइप हटवा रहा था। वहीं, ट्रैक्टर चालकों ने भी ग्रामीणों को बताया कि वे तरुण यादव के कहने पर ही आरसीसी पाइप लोड कर ले जा रहे थे।

मौके पर पहुंची पीसीआर

घटना की सूचना पर ग्रामीणों ने पीसीआर को बुलाया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। फिलहाल, ग्रामीण गांव में बैठक कर वरिष्ठ नागरिकों की राय के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करने की बात कह रहे हैं।

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