प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितताएं, सुशासन तिहार में उठे सवाल — पक्के मकान वालों को भी मिला आवास ,

गरीब परिवारों को योजना से वंचित कर पक्के मकान और पूर्व में इंदिरा आवास प्राप्त लोगों को भी आवास स्वीकृत किया गया..

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कई वार्डो को सूची से बाहर रखने का आरोप , आवास किराये पर देने के भी आरोप 

गरियाबंद /छुरा। नगर पंचायत छुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लेकर गंभीर अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप सामने आये हैं। छत्तीसगढ़ शासन के “सुशासन तिहार” के दौरान स्थानीय नागरिकों और वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि पात्र गरीब परिवारों को योजना से वंचित कर पक्के मकान और पूर्व में इंदिरा आवास प्राप्त लोगों को भी आवास स्वीकृत किया गया।

कुछ परिवारों में एक ही घर के तीन-चार सदस्यों के नाम पर अलग-अलग आवास मंजूर होने की बात भी कही गई है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि गरीबी रेखा राशन कार्ड होने के बावजूद कई जरूरतमंद परिवारों के नाम सूची से बाहर कर दिये गये, जबकि सक्षम लोगों को लाभ दिया गया। अत्यधिक पक्षपात हुआ है ।

वार्ड क्रमांक 6, 8, 12 और 14 को कथित रूप से सूची से बाहर रखने तथा वार्ड नंबर 1 में जिम्मेदार व्यक्ति का निवास होने से अपने परिचितों को अधिक योजना में शामिल किया गया । अत: इस वार्ड में अधिक आवास स्वीकृत होने पर भी सवाल उठाये गये हैं। कुछ हितग्राहियों द्वारा आवास को किराये पर देने के आरोप भी लगाये गये हैं।

स्थानीय नागरिकों ने योजना की संपूर्ण सूची सार्वजनिक करने, पात्रता की दोबारा जांच , छूटे वार्डों का पुनः सर्वे करने, किराये पर दिये गये आवासों की जांच तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि निष्पक्ष जांच नहीं होने पर कलेक्टर कार्यालय और शासन स्तर पर शिकायत एवं आंदोलन किया जायेगा।

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