रायपुर तहसील दफ्तर में वसूली की शिकायत पर वकील का हंगामा : गरियाबंद में लिपिक संघ ने दर्ज कराया विरोध

न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार, रायपुर में कथित वसूली की शिकायत को लेकर एक अधिवक्ता द्वारा हंगामा एवं लिपिक के साथ अभद्र व्यवहार..

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गरियाबंद/रायपुर। न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार, रायपुर में कथित वसूली की शिकायत को लेकर एक अधिवक्ता द्वारा हंगामा एवं लिपिक के साथ अभद्र व्यवहार किये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिकीय संघ ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुये दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

संघ के अनुसार न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान एक लिपिक के साथ कॉलर पकड़कर मारपीट की गई, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया तथा खुलेआम “दलाल” कहकर अपमानित किया गया। इतना ही नहीं, शासकीय कार्यालय में बिना अनुमति वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी किये जाने तथा न्यायालयीन कार्य में बाधा उत्पन्न करने का भी आरोप लगाया गया है।

संघ ने इसे न्यायालय की गरिमा एवं प्रशासनिक अनुशासन के प्रतिकूल बताते हुये गंभीर आपराधिक कृत्य करार दिया है।
संघ का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध कोई शिकायत थी तो उसे विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिये था। कानून को हाथ में लेकर शासकीय परिसर में दादागिरी करना एवं शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करना अस्वीकार्य है।

घटना से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है तथा मनोबल प्रभावित हुआ है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिकीय संघ के गरियाबंद जिलाध्यक्ष पंकज पाटिल सहित सुदामा ठाकुर, संतोष ध्रुव, योगेश वर्मा, प्रदीप सक्सेना, दीपक साहू, युवराज कुटारे,गुलशन सेन, सुशील गाड़े, दुखुराम कमार, आदित्य ठाकुर, विवेक टेंभरे, राजेश्वर विप्रे,रीना सिदार, भगवती धीवर, सरोज कुंजाम, तिलक ध्रुव, कृष्णा सिन्हा, लक्ष्मण चेलक, आदि के द्वारा मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नवा रायपुर को प्रेषित ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई है –

वीडियो में प्रदर्शित संबंधित व्यक्तियों/अधिवक्ताओं के विरुद्ध तत्काल विधिसम्मत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाये।

जातिसूचक शब्दों के प्रयोग, मारपीट एवं शासकीय कार्य में बाधा की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाये। संबंधित अधिवक्ताओं के विरुद्ध सक्षम प्राधिकारी एवं राज्य बार काउंसिल को प्रतिवेदन भेजकर लाइसेंस निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ की जाये। न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार, रायपुर सहित सभी तहसील कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाये।

लिपिकीय संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस एवं दृश्यमान कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गई, तो प्रदेश भर के राजस्व लिपिकीय कर्मचारी अनिश्चितकालीन कलमबंद/कामबंद आंदोलन प्रारंभ करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

संघ ने प्रशासन से शासकीय कर्मचारियों की गरिमा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करते हुये त्वरित और कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

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