ग्रंथालय बना आरटीओ दफ़्तर : 5 वर्षों बाद खुली व्यवस्था की पोल, स्थानांतरण के निर्देश जारी

मामला तब उजागर हुआ जब नगर पालिका परिषद द्वारा इसी विद्यालय परिसर में ‘नवीन नालंदा परिसर’ निर्माण का प्रस्ताव सामने आया। प्रस्ताव के विरोध में

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किरीट ठक्कर, गरियाबंद। नगर के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय परिसर में वर्ष 2021 में निर्मित जिला ग्रंथालय भवन अपने मूल उद्देश्य से भटककर पिछले लगभग पांच वर्षों से जिला परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के रूप में संचालित होता रहा। विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गये इस भवन का उपयोग प्रारंभ से ही अन्य कार्यों में होने से स्थानीय स्तर पर असंतोष व्याप्त था।

मामला तब उजागर हुआ जब नगर पालिका परिषद द्वारा इसी विद्यालय परिसर में ‘नवीन नालंदा परिसर’ निर्माण का प्रस्ताव सामने आया। प्रस्ताव के विरोध में उच्च स्तर पर शिकायत किये जाने के बाद यह प्रश्न उठने लगा कि जब जिले में पहले से ग्रंथालय भवन उपलब्ध है, तो नये परिसर की आवश्यकता क्यों पड़ रही है ?

नागरिकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि जिले में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं होने से शिक्षा संबंधी योजनायें प्रभावित हो रही हैं, वहीं करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित भवन भी अपेक्षित उपयोग से वर्षों तक वंचित रहा।

स्थिति की गंभीरता तब सामने आई जब पिछले सप्ताह जिले की प्रभारी सचिव आर.संगीता विद्यालय के निरीक्षण के दौरान यहां पहुंचीं। निरीक्षण में ग्रंथालय भवन में आरटीओ कार्यालय संचालित पाये जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुये जिला प्रशासन को पांच दिनों के भीतर परिवहन कार्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिये।

इसके बाद मंगलवार को कलेक्टर बी.एस.उइके ने भी कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि विद्यालय परिसर में संचालित जिला परिवहन कार्यालय को शीघ्र अन्यत्र स्थानांतरित किया जाये, ताकि ग्रंथालय भवन का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप किया जा सके।

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