किरीट ठक्कर, गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 6 जून को गरियाबंद पहुंचे, जहां हेलीपैड पर उनका भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया।
राजिम विधायक रोहित साहू, बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक राम ध्रुव, जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं, नागरिकों ने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय स्वागत किया, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे भी मौजूद रहे। बच्चों के स्वागत सत्कार से विष्णुदेव साय भावविभोर हो गये।

स्वागत सत्कार के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक प्रारम्भ हुई।
बैठक के प्रारम्भ में कलेक्टर गरियाबंद बीएस उइके तथा एसपी गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जिले की प्रभारी सचिव आर संगीता, साथ ही सभी पांच जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार – भाटापारा और महासमुंद जिलों में संचालित विकास कार्यों जन कल्याणकारी योजनाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
समीक्षा बैठक की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार , मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान, राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। खसरा के डिजिटल हस्ताक्षर के लिये महासमुन्द एवं गरियाबंद में विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिये हैं।
जिला पंचायत सभाकक्ष में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत शेष आवासों को दिसंबर तक पूर्ण किया जाये।
मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के देवभोग अंतर्गत तेल नदी में एनिकट निर्माण की स्वीकृति दी है, इसके लिये बारिश के पूर्व टेंडर पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। माना जा रहा है कि इससे सुपेबेड़ा क्षेत्र में स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की सुलभ उपलब्धता होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा सुपेबेड़ा की समस्या का स्थायी हल करने के लिये 7 करोड़ की लागत से तेल नदी में स्टॉप डेम बनाने को स्वीकृति दी गई है। इसके लिये जल संसाधन विभाग को शीघ्र कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये है।
मुख्यमंत्री के द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत किसानों की जानकारी ली गई,साथ ही खाद बीज भंडारण एवं वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई है।
एग्री स्टैक की समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि इसके व्यापक प्रचार प्रसार की आवश्यकता है, जिससे किसानों को किसी भी तरह का भ्रम न हो। इस संबंध में कृषि विस्तार अधिकारी छोटे किसानों को पूरी जानकारी से अवगत करवायें।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि छोटे किसानों को खाद बीज में कोई दिक्कत नहीं होना चाहिये। शिक्षा गुणवत्ता की समीक्षा के बाद उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम प्राइवेट स्कूलों से बेहतर है।







