बरसात में कट जाता है नेवारी कला का संपर्क : नदी पार कर जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण
साजु चाको,बालोद। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जिले का ग्राम नेवारी कला आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। बारिश शुरू होते ही गांव का मुख्य मार्ग तंदुला नदी के पानी में डूब जाता है, जिससे ग्रामीणों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग टूट जाता है। मजबूरी में लोगों को साइकिल कंधे पर उठाकर और पानी के बीच पैदल चलकर नदी पार करनी पड़ रही है।
वर्षों की मांग अधूरी..
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस मार्ग पर पुल और पक्की सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और दैनिक मजदूरी करने वालों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चुनावी वादे ठंडे बस्ते में …
बारिश के दौरान सड़क जलमग्न होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। कई बार लोगों को आवश्यक कार्यों के लिये अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण का कार्य शुरू तो हुआ,लेकिन उसकी गति बेहद धीमी है और लंबे समय से काम अधूरा पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि सड़क और पुल निर्माण के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही ये वादे भी ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। परिणामस्वरूप नेवारी कला के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिये संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि गांव को वर्षभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र पुल और सड़क निर्माण कार्य पूरा कराया जाये। उनका कहना है कि विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिये, बल्कि उसका लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिये।







