गरियाबंद। आम आदमी पार्टी द्वारा प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि के विरोध में गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित गांधी मैदान में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।

पार्टी के जिलाध्यक्ष चमन यादव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुये। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे बिजली सरप्लस राज्य में बार-बार बिजली दरों में वृद्धि करना आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना है।
ज्ञापन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं राज्य शासन से 7 सूत्रीय मांगें रखी गईं। प्रमुख मांगों में बिजली दर वृद्धि को तत्काल रोकने, पूर्व में बढ़ाई गई दरों को कम करने, साथ ही बड़े बकायादारों, उद्योगपतियों और ऐसे सरकारी विभाग जिनका करोड़ों का बिजली बिल बकाया है उनसे वसूली करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बंद करने की मांग शामिल है।

इसके अलावा स्मार्ट मीटर की ऐसी व्यवस्था जिसमें रिजार्च खत्म होने पर विद्युत आपूर्ति बंद हो जाती है, में सुधार – अथवा पारंपरिक मीटर लागू करने, ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर एवं विद्युत सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा किसानों के अस्थायी कनेक्शनों को स्थायी करने की भी मांग की गई है।
अपना खर्च कम करें –
आम आदमी पार्टी ने बिजली कंपनियों से अपना खर्च कम करने की भी मांग की है,जिससे कंपनियों को घाटा नही होगा और खामियाजा जनता को नही भुगतना पड़ेगा। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा बिजली दरों में वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आम आदमी पार्टी आम जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिये बाध्य होगी।







