एनएच-130 सी सहित गरियाबंद व धमतरी जिले की कई सड़कों पर सूर्यास्त से सूर्योदय तक आवागमन प्रतिबंधित
किरीट ठक्कर, गरियाबंद/धमतरी । उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशों के पालन में रात्रिकालीन वाहनों के आवागमन पर सख्त प्रतिबंध लागू किया जा रहा है। यह प्रतिबंध शाम 6:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। हालांकि एम्बुलेंस, इमरजेंसी एवं आवश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

उदंति सीतानदी रिजर्व फारेस्ट में रात्रि कालीन वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध
मिली जानकारी के अनुसार यह निर्णय T.N. Godavarman Thirumulpad बनाम भारत संघ प्रकरण में दिनांक 17 नवंबर 2025 को पारित आदेश तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, छत्तीसगढ़ के निर्देशों के तहत लिया गया है।
एनएच-130 सी सहित इन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध
गरियाबंद जिले में तौरंगा, जुगाड़, जांगड़ा, बम्हनीझोला, इंदागांव, गरिबा बैरियर एवं ओडिशा सीमा कक्ष क्रमांक 1230 (इंदागांव) से गुजरने वाले मार्गों पर रात्रिकालीन आवागमन बंद रहेगा। इसके अंतर्गत एनएच-130 सी पर उदंती नदी से कोयबा गांव तक का मार्ग भी प्रभावित रहेगा।
गरियाबंद जिले के झरियाबाहरा बेरियर एवं धमतरी जिले के सांकरा (पचपेढ़ी) हाईटेक बेरियर एवं गहनासियार बेरियर शाम 06:00 PM से सुबह 06:00AM तक बंद रखा जायेगा, जिससे उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के परिक्षेत्र अरसीकन्हार (कोर क्षेत्र) अंतर्गत झरियाबाहरा से सांकरा तक सड़क 130 सीडी नेशनल हाईवे के साथ अन्य पहुंच मार्ग प्रभावित होगा।
इसके अलावा उदंती उत्तर एवं दक्षिण परिक्षेत्र (मैनपुर) के अंतर्गत जुगाड़ बीट, अमाड जंक्शन, करलाझर, मानडोंगरी, साहेबिन, कोयबा, बम्हनीझोला, गोड़ेना फाल, सहित अनेक वन मार्गों पर रात्रिकालीन आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
धमतरी जिले में भी सख्त प्रतिबंध
धमतरी जिले के लिखमा, जोरातराई, रिसगांव, बोराई, बिरनासिल्ली, जैतपुरी, कसपुर सहित कई बैरियर क्षेत्रों में भी एनएच एवं वन मार्गों पर रात 6 से सुबह 6 बजे तक यातायात बंद रहेगा।
विशेष रूप से एनएच-130 सी से जुड़े मार्गों एवं सीतानदी कोर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता
वन विभाग के अनुसार रात्रिकालीन वाहनों की आवाजाही से बाघों एवं अन्य वन्यजीवों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुये सूर्यास्त से सूर्योदय तक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।







