महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा पर संयुक्त टीम की कार्रवाई : जीवित पैंगोलिन, नवजात पेंगोलिन शिशु और बाघ की हड्डियां-दांत बरामद
‘सेफ पैसेज 3.0’ के तहत 6 संदिग्ध हिरासत में – पिछले चरण में महाराष्ट्र के दो पुलिसकर्मियों समेत 9 पर कसा था शिकंजा
गरियाबंद। वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इंटरपोल के ‘ऑपरेशन थंडर 2026’ के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा के पास स्थित आलापल्ली के जिमेला क्षेत्र में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) और आलापल्ली वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने दबिश देकर अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट के 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पुलिस महकमे की मिलीभगत को लेकर हुआ है। विभागीय जांच में सामने आया है कि ‘ऑपरेशन सेफ पैसेज’ के पहले चरण के दौरान महाराष्ट्र पुलिस के दो पुलिसकर्मियों सहित कुल 9 आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। उस समय इनके पास से 3 बाघ की खाल, बाघ का शव और 5.39 किलोग्राम पैंगोलिन स्केल्स बरामद हुये थे। खाकी वर्दी की आड़ में चल रहे इस अवैध खेल की कड़ियां अब नये खुलासों के साथ जुड़ रही हैं।
जिंदा मादा पैंगोलिन और उसका नवजात बच्चा भी बरामद
ताजा ऑपरेशन ‘सेफ पैसेज 3.0’ के दौरान टीम ने जिमेला,कोन्सरी,कोकोपाडा, गोमनीटोला और आलापल्ली क्षेत्र से आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से – 2 जीवित पैंगोलिन (एक मादा और उसका नवजात शिशु ) – 43 संदिग्ध बाघ की हड्डियां – 2 बाघ के कैनाइन दांत, तस्करी में प्रयुक्त 3 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं।
अहेरी-सिरोंचा-बीजापुर बेल्ट बना नया हॉटस्पॉट
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र-तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित अहेरी-सिरोंचा-जिंगानुर-बीजापुर बेल्ट वर्तमान में वन्यजीव तस्करी का मुख्य कॉरिडोर और हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस अब बिचौलियों,शिकारियों, सप्लायरों और इस नेटवर्क को संरक्षण देने वाले तत्वों की पहचान कर सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने पर है।
मामले में आलापल्ली वन परिक्षेत्र में वन्यप्राणी अपराध दर्ज कर जब्ती सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिये सुरक्षित रख लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
