
विस्थापितों के संघर्ष, पीड़ा और साहस को किया गया नमन

गरियाबंद । भारत विभाजन की विभीषिका में विस्थापित हुये लोगों के संघर्ष, पीड़ा, साहस और त्याग को स्मरण करने तथा भावी पीढ़ी को इतिहास के इस मार्मिक अध्याय से अवगत कराने के लिये, जिले में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित स्मृति दिवस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी रही । इस अवसर पर वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान अपने घर, परिवार, भूमि और आजीविका से विस्थापित हुये लोगों के संघर्ष एवं कठिन परिस्थितियों को स्मरण करते हुये दो मिनट का मौन रखा गया।
कार्यक्रम में विभाजन के दौर की मानवीय त्रासदी, विस्थापन और अपनों से बिछड़ने की पीड़ा को याद किया गया। श्रीमती चौधरी ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन देश के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर-बार छोड़कर कठिन परिस्थितियों में जीवन की नई शुरुआत की। अनेक परिवारों ने अपनों को खोया और लंबे समय तक विस्थापन की पीड़ा झेली।
इसके बावजूद लोगों ने अदम्य साहस, धैर्य और संघर्ष के साथ अपने जीवन को पुनः स्थापित किया। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस ऐसे ही लोगों के साहस, संघर्ष और बलिदान को नमन करने का अवसर है।
सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि विभाजन की पीड़ा केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी स्मृतियां आज भी अनेक परिवारों के अनुभवों और सामाजिक स्मृति में जीवित हैं। उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि उस दौर में पीड़ा झेलने वाले लोगों को सम्मानपूर्वक याद करना और इतिहास से सीख लेना है।
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