गरियाबंद । सोमवार तड़के ही जिले के प्रशानिक अमले में हलचल मच गई, कारण था कलेक्ट्रेट के सामने अनशन पर बैठे बुजुर्ग दंपति।
अपनी पत्नी के साथ आमरण अनशन पर बैठे छुरा ब्लॉक ग्राम पीपरहट्टा के खमतुराम नायक ने बताया कि अपनी जमीन को लेकर पिछले एक साल तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। न्याय नही मिलने से व्यथित होकर उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया, खमतु राम ने बताया कि उनके स्वामित्व की भूमि खसरा नं 702 रकबा 0.10 हेक्टेयर पर गांव का ही अन्य व्यक्ति मकान बना रहा है।
वरिष्ठ नागरिक नायक के अनुसार छुरा तहसील कार्यालय से स्थगन आदेश के बावजूद गांव के एक व्यक्ति तीजराम यादव पिता सियाराम यादव द्वारा अतिक्रमण कर मकान निर्मित किया जा रहा है। तहसील कार्यालय के स्थगन के बावजूद मकान का निर्माण जारी है।
पिछले एक साल से परेशान बुजुर्ग ने प्रशानिक उपेक्षा का आरोप लगाया है, अन्य कोई रास्ता ना देख आज सुबह वो सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठ गये मांग रखी न्याय दो अन्यथा इच्छा मृत्यु।
जिले में राजस्व मामलों में लगातार घोर लापरवाही देखने में आ रही है, ये तीसरा या चौथा मामला है जब राजस्व मामले में यहां के दूर दराज इलाके के गरीब अथवा वरिष्ठ नागरिकों को जिला मुख्यालय आकर धरने पर बैठना पड़ता है। सोशल मीडिया में की गई पोस्ट अथवा टिप्पणियों को माने तो छुरा राजस्व विभाग में आकंठ भ्रष्टाचार का बोल बाला है, बिना लेनदेन कोई काम नही होता।
इधर सुबह सुबह अनशन पर बैठे बुजुर्ग दंपति को देखकर कलेक्ट्रेट के सामने अच्छी खासी भीड़ लग गई, आनन फानन पहुंचे राजस्व अधिकारियों ने खमतु राम को समझा बुझाकर वापस रवाना कर दिया है।
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