रायपुर/बिलासपुर (सूत्र)। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में एक लंबे समय से लंबित फाइल को लेकर बड़ा प्रशासनिक खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया में याददाश्त दुरुस्ती के लिये बादाम बिखेरने और मामला उछलने के बाद जिस फाइल का अता-पता नहीं था, वह अचानक मिल गई। जो फाइल कार्यालय दिवसों में नही मिल रही थी, वो छुट्टी के दिन मिल गयी ?
इस मामले को गंभीरता से लेते हुये मंडल प्रशासन ने दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी तोरण साहू द्वारा 17 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर बादाम बिखेरते हुये, एक वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें गृह निर्माण मंडल के कार्यालयीन कार्यों में अत्यधिक देरी और लापरवाही का आरोप लगाया गया था।
वीडियो के सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया और उच्च स्तर पर जांच शुरू की गई..
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भवन के नामांतरण से जुड़ी फाइल, जो 17 मार्च 2025 को ही प्राप्त हो गई थी, उसे नियमानुसार प्रक्रिया में लाने के बावजूद आवेदक को समय पर सूचना नहीं दी गई ? जबकि 11 नवंबर 2025 को ही सक्षम अधिकारी द्वारा पत्र पर हस्ताक्षर भी किये जा चुके थे, इसके बाद भी उक्त पत्र आवेदक को भेजा नहीं गया और फाइल लंबे समय तक दबाकर रखी गई।
स्थिति तब और स्पष्ट हुई जब रिकॉर्ड खंगालने पर फाइल कार्यालय में ही मिली। इससे यह संकेत मिला कि मामले को जानबूझकर लंबित रखा गया था। एक वर्ष से अधिक समय तक प्रकरण का निराकरण न होना और आवेदक को अनावश्यक रूप से परेशान करना प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि संदेहास्पद आचरण भी माना गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुये मंडल के सक्षम अधिकारी द्वारा कार्रवाई करते हुये संबंधित अधिकारी एल.पी. बंजारे, कार्यपालन अभियंता (प्रभारी संपदा अधिकारी) एवं संबंधित कालोनी प्रभारी सुश्री पूनम बंजारे वरिष्ठ सहायक (प्रभारी सहायक संपदा प्रबंधक) को तत्काल प्रभाव से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर उनके मूल पद पर अटैच कर दिया गया है।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।







