मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी प्रबंधन और वनों को आग से बचाने कार्यशाला का आयोजन
गरियाबंद/ पांडुका । वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा,जंगलों में आग की रोकथाम तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी प्रबंधन को लेकर शनिवार को वन परिक्षेत्र पांडुका परिसर स्थित पीपरछेड़ी में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वनमंडल गरियाबंद के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें वनमंडलाधिकारी शशिगानंदन की महत्वपूर्ण और प्रभावी उपस्थिति रही।
ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने,ग्रीष्मऋतु के दौरान वनों में लगने वाली आग की घटनाओं के कारणों,सुरक्षा उपाय और अग्नि से बचाव के साथ ही साथ,मानव- वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिये सामूहिक प्रयास के विषय पर, उपस्थित ग्रामीणों वन कर्मियों को संबोधित किया।
अग्नि सुरक्षा पर विशेष चर्चा
कार्यशाला को संबोधित करते हुये वनमंडलाधिकारी शशिगानंदन ने कहा कि वनअग्नि न केवल जंगलों को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि वन्य प्राणियों के जीवन पर भी गंभीर संकट उत्पन्न करती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि आगजनी की किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दें तथा जंगलों में जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या आग फैलाने वाले किसी भी कृत्य से बचें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन पर जोर
कार्यशाला में मानव-वन्यजीव संघर्ष के विषय पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि वन्य प्राणी अपने प्राकृतिक आवास के संरक्षण से ही सुरक्षित रह सकते हैं। खेतों एवं गांवों के आसपास वन्य जीवों की गतिविधि बढ़ने पर संयम बरतने, अनावश्यक उकसावे से बचने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
जागरूकता अभियान –

वनों को आग से बचाने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को यथासंभव रोकने के उद्देश्य व संदेश को लेकर ग्रामीणों के बीच स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा नृत्य व नाट्य मंचन कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यशाला में वन परिक्षेत्र पांडुका के समस्त वन अधिकारी एवं कर्मचारी,वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष चौहान, डिप्टी रेंजर कमल साहू, जितेंद्र ध्रुव, टिकेशर गिरी, वीरेंद्र सिंह ध्रुव, बीएफओ -डोमन साहू, राहुल श्रीवास, लोकेश श्रीवास, डिग्गू ठाकुर वनपाल रामप्यारी,घनश्याम साहू स्थानीय जनप्रतिनिधियों में जनपद पंचायत छुरा अध्यक्ष मीरा ठाकुर, ग्राम सरपंच मीरा बाई, के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन तथा कैम्पा एनजीओ अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन की सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी गर्मी के मौसम में जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकना, वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को कम कर के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर देना रहा।
पौधारोपण कर दिया हरित संदेश –

कार्यशाला के उपरांत पांडुका वन परिक्षेत्र परिसर पीपरछेड़ी में सामूहिक पौधारोपण किया गया। वन अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं एनजीओ प्रतिनिधियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभी ने लगाये गये पौधों की नियमित देखभाल करने का भी आश्वासन दिया।







