आमदी (द) पंचायत में 7.26 लाख की गड़बड़ी : धारा 40 की कार्रवाई लंबित

जिला पंचायत गरियाबंद के सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बताया कि सम्बंधित पंचायत की जांच उपरांत, सरपंच को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। जवाब..

IMG-20261023-WA0015

तीन महीने बाद भी कार्रवाई का इंतजार : सरपंच–सचिव के कार्यकाल में सामने आईं वित्तीय अनियमिततायें

 

गरियाबंद। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिये आने वाली सरकारी राशि का उपयोग जनहित में होना चाहिये, लेकिन जब उन्हीं कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आयें और कार्रवाई की प्रक्रिया महीनों तक लंबित रहे,तो प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मिली जानकारी के अनुसार गरियाबंद जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत आमदी (द) का मामला भी कुछ ऐसे ही सवाल खड़े कर रहा है। यहां सरपंच-सचिव के विरुद्ध लगभग 7 लाख 26 हजार रुपये के अनियमित व्यय का मामला सामने आया है। इस मामले में पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई अब तक लंबित बताई जा रही है।

जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा इसी वर्ष जून माह में जारी कारण बताओ सूचना पत्र में पंचायत के विभिन्न मदों में खर्च की गई राशि को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। नोटिस के द्वारा संबंधित सरपंच आत्माराम को तीन दिवस के भीतर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिये गये थे। साथ ही, निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाये जाने पर नियमानुसार कार्रवाई किये जाने की चेतावनी भी दी गई थी। किन्तु कार्रवाई अब तक लंबित है।

मुरमीकरण से लेकर सोलर स्ट्रीट लाइट राशि आहरण में अनियमितता

बताया जा रहा है कि पंचायत अंतर्गत, मुरमीकरण, सोलर स्ट्रीट लाइट, कार्य विवरण का अभाव, मानदेय भुगतान तथा मरम्मत सहित अन्य कई मदों की व्यय राशि में अनियमितता की गई है।

जांच के दौरान मुरमीकरण कार्य के संबंध में 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि पर आपत्ति दर्ज की गई है।भौतिक निरीक्षण में कार्यस्थल पर काम नहीं पाया गया तथा आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति और पंचायत संबंधी अनुमोदन के अभाव का उल्लेख मिलता है।

वहीं, सोलर स्ट्रीट लाइट मद में 2 लाख 63 हजार 175 रुपये की अनियमित राशि पायी गई है। छह सोलर स्ट्रीट लाइट के लिये स्वीकृति के बावजूद स्थल पर पांच पोल पाये जाने और एक पोल सहित छह सोलर पावर जनरेटिंग डिवाइस नहीं लगाये जाने की जानकारी मिली है।

एक अन्य मद में 2 लाख रुपये की राशि को लेकर कार्य विवरण, कैशबुक, बिल-वाउचर और पंचायत अनुमोदन से संबंधित कमियां दर्ज की गई हैं। इसके अतिरिक्त, सुशासन तिहार के शिविर में हुये व्यय, सरपंच-पंचों के मानदेय तथा मरम्मत एवं अन्य खर्चों को लेकर भी सवाल हैं।

इन सभी मदों को मिलाकर कुल 7 लाख 26 हजार रुपये से अधिक रुपये के अनियमित व्यय का आंकलन है। यह राशि महज लेखा-जोखा संबंधी त्रुटियों का मामला है या इसके पीछे वास्तविक वित्तीय अनियमितता हुई है, इसका अंतिम निर्धारण सक्षम अधिकारी की जांच और कार्रवाई से ही होगा।

सम्बंधित पंचायत के सचिव का कहना है कि मुरमीकरण की जानकारी मुझे है, अन्य मदों से सरपंच आत्मानंद द्वारा बगैर प्रस्ताव व बिना पंचों की राय के राशि आहरित की गई है।

जिला पंचायत गरियाबंद के सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बताया कि सम्बंधित पंचायत की जांच उपरांत, सरपंच को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषप्रद नही पाये जाने पर धारा 40 की कार्रवाई के लिये एसडीएम गरियाबंद को पत्र जारी किया जायेगा।

मामले में सरपंच आत्मानंद का कथन है कि पंचायत अंतर्गत काम हुआ है, दस्तावेज है। स्पष्टीकरण भी दिया गया है।

मुख्य खबरें

You cannot copy content of this page