पटवारियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन में अनिश्चितता! हड़ताल के बीच पालिका के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुआ पटवारी

हड़ताल के चलते किसानों और आम नागरिकों को पटवारी संबंधी कार्यों के लिये परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि कोई पटवारी..

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गरियाबंद। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर के पटवारी 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कुछ पटवारियों को प्रशासन की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने और निलंबन की कार्रवाई किये जाने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद पटवारियों के आंदोलन में हलचल तेज हो गई है। लेकिन इसी बीच गरियाबंद तहसील में पदस्थ एक पटवारी के नगर पालिका परिषद के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने से आंदोलन की गंभीरता और एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे है।

एक ओर जिला मुख्यालय स्थित गांधी मैदान के धरना स्थल पर पटवारी प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में आक्रामक रुख अपनाते नजर आये, वहीं दूसरी ओर गरियाबंद तहसील अंतर्गत पदस्थ पटवारी लोकेश साहू, पटवारी हल्का क्रमांक 8 एवं 10, शुक्रवार को ही नगर पालिका परिषद के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुये।

इस घटनाक्रम ने पटवारी संघ के आंदोलन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। एक तरफ आंदोलन, दूसरी तरफ स्थानीय पालिका प्रशासन के कार्यक्रम में मौजूदगी!

अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत पटवारी संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने शुक्रवार को प्रशासनिक आदेशों की प्रतीकात्मक प्रतियां जलाकर विरोध जताया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने जेल जाने से भी पीछे नहीं हटने की बात कही। वहीं, इसी आंदोलन के बीच संघ के एक सदस्य की नगर पालिका के भूमि-पूजन कार्यक्रम में मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पटवारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और आम नागरिकों तथा किसानों के पटवारी संबंधी कार्य प्रभावित होने की स्थिति बन रही है, तो ऐसे में संघ के किसी सदस्य का स्थानीय प्रशासन के कार्यक्रम में शामिल होना आंदोलन के घोषित स्वरूप के अनुरूप है या नहीं ? क्या हड़ताल के दौरान सभी सदस्यों के लिये समान नियम लागू हैं ?

आम जनता के काम प्रभावित, तो हड़ताल के पालन पर सवाल क्यों नहीं ?

कुछ लोगों का कहना है कि हड़ताल के चलते किसानों और आम नागरिकों को पटवारी संबंधी कार्यों के लिये परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि कोई पटवारी हड़ताल के दौरान किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होता है और वहां उसकी तस्वीरें भी सामने आती हैं, तो स्वाभाविक रूप से आंदोलन की एकजुटता पर सवाल उठेंगे। हालांकि, संबंधित पटवारी की कार्यक्रम में मौजूदगी मात्र से हड़ताल के नियमों के उल्लंघन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिये संघ की निर्धारित नीति और संबंधित पटवारी की भूमिका स्पष्ट होना आवश्यक है।

संघ ने मामले में नोटिस जारी करने की कही बात

इस संबंध में पटवारी संघ के गरियाबंद जिला अध्यक्ष गुलशन यदु ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में भी आया है। संघ की ओर से संबंधित पटवारी को नोटिस जारी किया जायेगा।

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