सरकारी दफ्तर में लगी आग …पुण्य भी और पाप भी स्वाहा

वैसे ऐसी आग में अक्सर प्रहलाद रूपी सच यानी सही काम काज का लेखा जोखा कभी नहीं जलता….

पेशी से पहले ही नायब तहसीलदार ने सुना दिया फैसला, राजस्व न्यायालय की गरिमा तार-तार

छत्तीसगढ़। रायपुर । आग यानी सब कुछ जलकर खाक। पुण्य भी और पाप भी । सारा हिसाब किताब साफ, और अगर आग सरकारी दफ्तर में लगे तो फिर स्वाहा, यानी पवित्र अग्नि में अपवित्र काम काज के लेखा जोखा का संपूर्ण रूप से भस्म होकर पवित्र हो जाना। ऐसी आग में विलीन हो जाना जहां किसी भी जांच की आंच पहुंच न सके, सच से लेकर साक्ष्य की पूर्णाहुति, एक नहीं बहुत सारे लोगों को संकटों से मुक्त कर सम्पूर्ण शांति का फल देती है।

वैसे ऐसी आग में अक्सर प्रहलाद रूपी सच यानी सही काम काज का लेखा जोखा कभी नहीं जलता, हमेशा होलिका रूपी पाप का ही दहन होता है। कितने महान होते है वो हाथ जो ऐसा पाप नाशक यज्ञ करते है, और किसी को पता भी नहीं चलने देते। ऐसी गुप्त महान आत्माओं ने एक नहीं बहुत से पाप नाशक यज्ञ किये है, और पता चला है कि कल रात कड़कड़ाती ठंड में भी ऐसा ही एक महान यज्ञ संपन्न हुआ है। बताया जाता है कि इस यज्ञ से बहुत से लोगों के संकट साक्ष्यों की पूर्णाहुति से पूर्ण रूप से भस्म हो गये है ।

इति श्री पापनाशक यज्ञ कथा।

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार अनिल पुसदकर की फेसबुक वॉल से ….साभार।


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