धान उपार्जन केंद्रों के सत्यापन में अनियमितता, कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई
किरीट ठक्कर,गरियाबंद। धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के आवेदनों के भौतिक सत्यापन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर बी.एस.उइके ने तीन नोडल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, धान उपार्जन केंद्र सांकरा (विकासखंड छुरा) के निरीक्षण हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी राजकुमार साहू एवं रेखराम साहू, दोनों सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी, द्वारा किसानों के आवेदनों का भौतिक सत्यापन कार्यालय में बैठकर बिना वास्तविक जांच किये किया गया, जांच में पाया गया कि राजकुमार साहू ने 57 किसानों तथा रेखराम साहू ने 129 किसानों के आवेदनों का सत्यापन करते हुये समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिये, जिससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज हुईं।
इसी प्रकार, धान उपार्जन केंद्र पोखरा (विकासखंड फिंगेश्वर) के निरीक्षण हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी उज्जवल शर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा भी 74 किसानों के आवेदनों का बिना स्थल निरीक्षण किये सत्यापन कर समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड किये जाने की पुष्टि हुई है।
कलेक्टर ने तीनों मामलों को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही मानते हुये निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान राजकुमार साहू का मुख्यालय जनपद पंचायत छुरा, रेखराम साहू का मुख्यालय जनपद पंचायत फिंगेश्वर तथा उज्जवल शर्मा का मुख्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी कार्यालय, गरियाबंद निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।







