गरियाबंद कलेक्टर बी.एस.उइके
गरियाबंद। जिले के राजस्व अधिकारियों को आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय, रायपुर के प्रशिक्षकों द्वारा एग्रीस्टैक बैकेटिंग के संबंध में वर्चुअल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कलेक्टर बीएस उइके की उपस्थिति में 09 जुलाई को जिले के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर सहित जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर बीएस उइके ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के शत-प्रतिशत पात्र किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके लिये व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन के प्रति जागरूक किया जाये।
आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय, रायपुर के प्रशिक्षकों ने बताया कि एग्रीस्टैक भारत सरकार द्वारा विकसित कृषि क्षेत्र का एक डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट किसान आईडी प्रदान की जाती है। यह आईडी किसान के आधार, बैंक खाते तथा भूमि अभिलेखों को एकीकृत करती है, जिससे किसानों की पहचान और भूमि संबंधी जानकारी का डिजिटल सत्यापन संभव हो पाता है।
एग्रीस्टैक आईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद एवं बीज पर मिलने वाली सब्सिडी जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा सकती है। साथ ही किसानों को बार-बार खसरा-खतौनी जैसे दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं रहती, क्योंकि समस्त जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहती है। इससे बैंकों को भी किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध होती है, जिससे किसान क्रेडिट कार्ड एवं कृषि ऋण की प्रक्रिया सरल और तेज होती है।
प्रशिक्षकों ने किसानों से अपने खेत एवं पहचान का एग्रीस्टैक पंजीयन निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से कराने की अपील की है।
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