किरीट ठक्कर, गरियाबंद। जिले के शिक्षा विभाग में वर्षों से कार्यालयों में संलग्न रहकर गैर- शिक्षकीय कार्य कर रहे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आखिरकार उनके मूल पदस्थापना स्थल पर लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद ने मंगलवार को आदेश जारी करते हुये कुल 17 शिक्षक एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल संस्था/कार्यालय के लिये कार्यमुक्त कर दिया है।
यह कार्रवाई लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा 25 जून 2026 को जारी निर्देशों तथा 23 जून को स्कूल शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों के परिपालन में की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा), विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बीआरसी कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तत्काल उनकी मूल पदस्थ संस्था में भेजा जाये।
विदित हो कि इस विषय को हमने अपने न्यूज़ पोर्टल chirghar.com में शुक्रवार 03 जुलाई 2026 को सबसे पहले प्रमुखता से प्रकाशित / प्रसारित किया था। जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न शिक्षा कार्यालयों में कई शिक्षक वर्षों से शिक्षकीय कार्य छोड़कर कार्यालयीन दायित्व निभा रहे थे, जबकि अनेक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी रही।
सवाल यह भी उठाया गया था कि शिक्षक आखिर शिक्षक हैं या फिर कार्यालयों में अधिकारी की भूमिका निभाने के लिये नियुक्त किये गये हैं। शिक्षा जगत के लिये, शिक्षकों का गैर शिक्षकीय कार्यों में संलग्नीकरण एक बड़ा सवाल था। अब जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
किन-किन कार्यालयों से हटाये गये संलग्न कर्मचारी
आदेश के अनुसार जिन कर्मचारियों एवं शिक्षकों को कार्यमुक्त किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से –
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय गरियाबंद, समग्र शिक्षा कार्यालय, विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) कार्यालय गरियाबंद,फिंगेश्वर,मैनपुर,देवभोग आदि कार्यालयों में संलग्न कर्मचारियों को मूल पदस्थ संस्था के लिये कार्यमुक्त कर दिया गया है।
इनमें प्रधान पाठक, एलबी शिक्षक,सहायक ग्रेड-02 एवं सहायक ग्रेड-03 सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कुल 17 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे हैं।
शिक्षकों की मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में उनकी वापसी से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से कई स्कूलों में शिक्षक संख्या कम होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में संलग्नीकरण समाप्त होने से विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण का लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू –
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा संबंधित सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों को उनकी मूल संस्था/कार्यालय के लिये कार्यमुक्त माना जायेगा।







