टीचर या ऑफिसर? अब खत्म होगी असमंजस की स्थिति : गरियाबंद में भी शिक्षकों का संलग्नीकरण समाप्त

शैक्षणिक एवं कार्यालयीन कार्यों के लिये संलग्न किये गये शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सभी स्थानीय संलग्नीकरण आदेश तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिये गये हैं। केवल शासन स्तर से जारी..

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किरीट ठक्कर, गरियाबंद। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशों के अनुपालन में जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद द्वारा जिले के विभिन्न कार्यालयों में वर्षों से संलग्न शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी मूल पदस्थापना संस्था में कार्यमुक्त कर मूल स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किये गये हैं।

जारी आदेश के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा विकासखंड स्रोत समन्वयक कार्यालयों में शैक्षणिक एवं कार्यालयीन कार्यों के लिये संलग्न किये गये शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सभी स्थानीय संलग्नीकरण आदेश तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिये गये हैं। केवल शासन स्तर से जारी नियुक्ति अथवा प्रतिनियुक्ति आदेश इससे प्रभावित नहीं होंगे।

जिले में लंबे समय से अनेक शिक्षक विभिन्न कार्यालयों में संलग्न रहकर प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्य कर रहे थे। ऐसे में आम लोगों के बीच भी कई बार यह असमंजस की स्थिति बन जाती थी कि संबंधित व्यक्ति शिक्षक है या कार्यालयीन अधिकारी-कर्मचारी। नये आदेश के बाद अब संलग्न शिक्षक पुनः अपने मूल विद्यालयों में लौटेंगे, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा यह आदेश 1 जुलाई 2026 को ही जारी कर दिया गया था, हालांकि इसकी जानकारी अब सामने आई है। आदेश में सभी संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तत्काल मूल संस्था में कार्यमुक्त होकर इसकी सूचना निर्धारित प्रारूप में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संलग्नीकरण समाप्त करने की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आम नागरिकों के साथ-साथ शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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