साजु चाको,बालोद। शहर के गंजपारा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 पर लगभग 40 वर्ष पुरानी दुकान को आधी रात जेसीबी से ध्वस्त किये जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने इसे माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना बताते हुये पुलिस अधीक्षक से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माननीय व्यवहार न्यायाधीश, वरिष्ठ श्रेणी, बालोद द्वारा सिविल वाद क्रमांक A/32/2017 में यह आदेश पारित किया गया था कि वादग्रस्त भूमि का रिक्त कब्जा केवल विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकता है तथा वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप उचित मुआवजा दिये बिना कब्जा नहीं लिया जायेगा।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद 9 जुलाई 2026 की रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच अज्ञात लोगों ने जेसीबी एवं अन्य साधनों की सहायता से टंडन लाल कावरे के नाम से संबंधित परिसर को ध्वस्त कर दिया।
इसी परिसर में उनके पुत्र ललित कावरे, जो सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष बताये गये हैं, की लगभग 40 वर्षों से दुकान संचालित हो रही थी।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह घटना केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेश, विधि के शासन एवं नागरिकों के अधिकारों की भी अवहेलना है। घटना स्थल राम मंदिर एवं गुरुद्वारा के समीप होने के कारण उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भी गंभीर बताया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, बालोद को आवेदन सौंपकर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित क्षतिपूर्ति एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा शीघ्र चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने की मांग की गई है।
पीड़ित पक्ष ने कहा है कि यदि न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना होती है और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तो आमजन का कानून एवं न्याय व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होगा। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।







