रायपुर / अमलीपदर / गरियाबंद। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट,सराहनीय एवं नवाचारपूर्ण योगदान के लिये गरियाबंद जिले के शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय अमलीपदर में पदस्थ शिक्षक अनिल कुमार अवस्थी को शिक्षक दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गय
माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका के करकमलों से अनिल कुमार अवस्थी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, शिक्षा सचिव सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल एवं प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मानित होना।अवस्थी के लिये ही नहीं,बल्कि गरियाबंद जिले और समूचे शिक्षा जगत के लिये गौरव का विषय है।
शिक्षक अनिल कुमार अवस्थी लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण,नवाचार और निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं। विशेष रूप से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, बालिकाओं को नियमित रूप से विद्यालय से जोड़ने तथा उनके शैक्षिक विकास के लिये सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण तैयार करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके निरंतर प्रयासों से विद्यालय की बालिकाओं में शिक्षा के प्रति रुचि, आत्मविश्वास एवं सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा मिला है।
ग्रामीण अंचल में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, बच्चों में सीखने के प्रति रुचि विकसित करने तथा नवाचारपूर्ण एवं गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिये अवस्थी का निरंतर प्रयास सराहनीय रहा है। उनके समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुये उन्हें राज्य स्तर पर यह महत्वपूर्ण सम्मान प्रदान किया गया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से गरियाबंद जिले के शिक्षकों, विद्यार्थियों,अभिभावकों एवं शिक्षा जगत में हर्ष का वातावरण है।
अनिल कुमार अवस्थी को इस उपलब्धि के लिये जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद राजेश चंद्राकर, जिला मिशन समन्वयक शिवेश शुक्ला, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मैनपुर देवनाथ बघेल, प्राचार्य आलोक वाघे, संकुल समन्वयक मोहर साय मिरी एवं प्रधानपाठक उमेश श्रीवास सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक साथियों एवं शुभचिंतकों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें दी हैं।
अनिल कुमार अवस्थी कहते हैं कि, यह सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान नहीं है, बल्कि बालिका शिक्षा एवं ग्रामीण अंचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये किये जा रहे उनके सतत प्रयासों को मिली राज्य स्तरीय पहचान भी है।
यह गौरवपूर्ण उपलब्धि प्रदेश के उन सभी शिक्षकों के लिये प्रेरणा का स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बीच भी निष्ठा, नवाचार और समर्पण के साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिये कार्य कर रहे हैं।
