जेल में बंद अश्वनी डडसेना और उसकी सरपंच पत्नी की भूमिका की भी जांच
विनोद नेताम, बालोद। जिले में आपसी रंजिश और जान से मारने/नुकसान पहुंचाने के लिये सुपारी के लेन-देन से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पत्रकार तथा हमर राज पार्टी के जिला अध्यक्ष देवेंद्र साहू की कार को आग के हवाले कर दिया गया। मामले में बालोद पुलिस ने 5 आदतन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं सुपारी देने वाले मुख्य आरोपी अश्वनी डडसेना व उसकी पत्नी, ग्राम अंगारी की सरपंच ममता डडसेना की भूमिका की जांच जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार 1 दिसंबर 2025 की रात लगभग 9 बजे वार्ड क्रमांक 20, बुढ़ापारा निवासी देवेंद्र साहू की कार (CG 24 W 7166), जो उनके घर की बाउंड्री के अंदर खड़ी थी, अज्ञात आरोपियों के द्वारा पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दी गई। घटना की रिपोर्ट पर बालोद थाने में अपराध क्रमांक 527/2025 धारा 326(जी), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
जेल में रची गई साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि मारपीट के एक पुराने मामले में जेल में निरूद्ध मोहम्मद फैजान की मुलाकात जेल में निरुद्ध अश्वनी डडसेना से हुई थी। वहीं से देवेंद्र साहू को “हड्डी टूटने तक मारने” तथा उसका वीडियो भेजने की सुपारी तय हुई। अश्वनी के लोगों द्वारा पैसे देने और जमीन उपलब्ध कराने का लालच भी दिया गया।
जेल से रिहा होने के बाद फैजान ने अपने साथियों – अनिकेत मेश्राम, सूरज रंगारी, दानेश्वर साहू को इस काम के लिये तैयार किया। अश्वनी के करीबी रिंकू उर्फ श्यामू यादव ने 7,000 रुपये एडवांस भी दिये। एक अन्य आरोपी अभिषेक चौरे ने पत्रकार देवेंद्र साहू का घर और दफ्तर दिखाया।
सीसीटीवी देखकर बदल दिया योजना
आरोपी, देवेंद्र साहू के घर पहुंचे और बातचीत कर उन्हें बाहर बुलाया, मगर सीसीटीवी कैमरा देखकर मारने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जब यह बात फैजान को बताई गई तो उसने कहा मार नही सकते तो उसकी कार में आग लगा दो, आरोपियों ने मौके पर जाकर पेट्रोल डालकर कार में आग लगा दी और फैजान ने इस घटना की जानकारी अश्वनी को दी।
पुलिस ने ऐसे खोला राज –
थाना बालोद और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मेमाेरण्डम बयान के आधार पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, कपड़े और मोबाइल फोन जब्त किये गये।
सुपारी कांड में संगठित अपराध के तत्व पाये जाने पर पुलिस ने प्रकरण में धारा 111 व 62(1) भी जोड़ी है।
गिरफ्तार सभी आरोपियों को 6 दिसंबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब अश्वनी डडसेना और उसकी पत्नी ममता डडसेना की संलिप्तता पर आगे जांच कर रही है।







