स्कूल तक फैली गंदगी और बदबू, ग्राम पंचायत मिर्रीटोला (पुरूर) की लचर व्यवस्था पर उठे सवाल
विनोद नेताम, बालोद /पुरूर। तहसील गुरूर अंतर्गत ग्राम पंचायत मिर्रीटोला (पुरूर) इन दिनों अव्यवस्था, गंदगी और बदबू को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के भीतर अवैध कब्जा कर रहने वाले कुछ लोगों द्वारा जगह-जगह गंदगी फैलाई जा रही है, जिससे पूरा वातावरण दूषित हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूल जैसी पवित्र जगह भी इसकी चपेट में आ गई है।

एक दूसरे पर दोषारोपण
ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है कि अवैध कब्जाधारियों को हटाने एवं गांव के भीतर अनियमित रूप से बसे लोगों के संबंध में शासन से बार-बार अपील की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर भी साफ-सफाई एवं व्यवस्था सुधार को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा और तीन प्रमुख मार्गों के संगम पर स्थित होने के बावजूद ग्राम मिर्रीटोला की जमीनी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गांव के अंदर कई स्थानों पर कचरे के ढेर, गंदा पानी और बदबू आम दृश्य बन चुके हैं। इसका सीधा असर आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। आत्मानंद स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं बदबू और अस्वच्छ माहौल से परेशान बताये जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि साफ-सफाई, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान न दिये जाने से गांव की छवि धूमिल हो रही है। लोगों में यह धारणा बनती जा रही है कि पंचायत और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई की जाये, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा स्कूल एवं सार्वजनिक स्थानों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाये, ताकि गांव को गंदगी और बदबू से निजात मिल सके और बच्चों सहित ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।







