पहले कहा– कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग, फिर उसी कॉलोनी के लिये विकास का प्रस्ताव : नगर पालिका के चार पत्रों से खुला विरोधाभास

नगर पालिका परिषद गरियाबंद के आधिकारिक अभिलेख बताते हैं कि वार्ड क्रमांक 15, पटवारी हल्का नंबर 10 में स्थित..

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तहसीलदार से अंतरण शून्य कराने की मांग, कलेक्टर को भी दी गई अवैध प्लाटिंग की जानकारी

किरीट ठक्कर,गरियाबंद। नगर पालिका परिषद गरियाबंद के आधिकारिक अभिलेख बताते हैं कि वार्ड क्रमांक 15, पटवारी हल्का नंबर 10 में स्थित कई कृषि खसरों पर अवैध प्लाटिंग की जानकारी स्वयं नगर पालिका ने प्रशासन को दी थी।

08 सितंबर 2025 को तहसीलदार गरियाबंद को भेजे गये पत्र में नगर पालिका ने स्पष्ट उल्लेख किया कि खसरा नंबर 133, 135, 145, 146, 147, 158, 159, 160, 166, 207, 208 एवं 209 में कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग की गई है। पत्र में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता,1959 की धारा 339(च) का उल्लेख करते हुये इन भूखंडों के अंतरण शून्य करने की कार्रवाई का अनुरोध किया गया।

इसके चार दिन बाद कलेक्टर गरियाबंद को भेजे गये पत्र में भी नगर पालिका ने स्वीकार किया कि उक्त क्षेत्र में लगातार अवैध प्लाटिंग की जा रही है। साथ ही बताया कि संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किये जा चुके हैं तथा तहसीलदार एवं जिला पंजीयक को भी कार्रवाई के लिये पत्र भेजे गये हैं।

इन पत्रों के बाद 12 मार्च 2026 को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग को भेजे गये मार्ग संरचना अनुमोदन प्रस्ताव ने पूरे मामले पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

अब स्थानीय नागरिकों के बीच सवाल है कि क्या इस तरह के विभागीय पत्राचार केवल औपचारिकता निभाने का जरिया थे या वास्तव में भूमि अंतरण शून्य की कोई प्रभावी कार्रवाई की गई ?

(क्रमशः)

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