रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमधा स्थित श्रेया अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई की गई है। महिला के इलाज में लापरवाही और शव से दुर्व्यवहार के मामले में एफआईआर के बाद अब नर्सिंग होम एक्ट के तहत अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता चिरंज वर्मा आ.बिसाहू वर्मा, ग्राम – अछोली, तहसील-धमधा, जिला दुर्ग द्वारा श्रेया हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, धमथा जिला-दुर्ग के विरूद्ध उनकी माता पद्मा देवी की मृत्यु होने के बावजूद बिना सहमति के मना करने के बाद भी एम्बुलेंस से शंकराचार्य हॉस्पिटल, जुनवानी भिलाई ले जाकर व्यावसायिक कदाचरण एवं अमानवीयता की शिकायत की गई थी।
धमधा स्थित श्रेया अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधक पर लगाये गये गंभीर आरोप सही पाये गये। महिला मरीज पदमा देवी के इलाज में लापरवाही और शव से दुर्व्यवहार के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस DURG0473/HOS निरस्त कर दिया है।
जिलाधीश एवं नर्सिंग होम एक्ट के पर्यवेक्षी अधिकारी ने तीन दिन के भीतर अस्पताल बंद करने और लाइसेंस की मूल प्रति सीएमएचओ कार्यालय में जमा करने का आदेश जारी किया है, आरोप है कि अस्पताल कर्मी, महिला मरीज को उनके परिजनों को बताये बिना शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले गये, जहां उसे मृत घोषित किये जाने के बाद शव को लावारिश छोड़ दिया गया।
एसडीएम धमधा की अध्यक्षता में हुई जांच में ड्यूटी डॉक्टर डॉ.अभिषेक पांडेय और प्रबंधक मनीष राजपूत को दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के 43 दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई और उसके दो दिन बाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
आपको बता दें कि श्रेया अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।







