राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
गरियाबंद। शुक्रवार 20 फरवरी को मनरेगा के मुद्दे को लेकर जिला एवं शहर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुये कलेक्ट्रेट परिसर में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे कुछ समय तक क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बनी रही।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) देश की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक न्याय को मजबूती प्रदान की है।
कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई कि प्रस्तावित संशोधनों और वित्तीय हिस्सेदारी में बदलाव से योजना की मूल भावना प्रभावित हो सकती है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अब तक योजना में केंद्र सरकार की 90 प्रतिशत वित्तीय भागीदारी रही है, जिसे 60:40 या अन्य अनुपात में बदलने का प्रयास राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है। पार्टी ने मांग की कि कानून को यथावत रखा जाये तथा समयबद्ध मजदूरी भुगतान और पारदर्शिता की व्यवस्था पूर्ववत लागू रखी जाये।
क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि मनरेगा गरीब और मजदूर वर्ग के जीवनयापन का आधार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजना में जनविरोधी बदलाव किये गये तो कांग्रेस का आंदोलन और तेज किया जायेगा।
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