यूएसटीआर में बीमार हथिनी की मौत : इलाज के बाद भी सारे प्रयास विफल

गंभीर स्थिति में हथिनी गरियाबंद और धमतरी क्षेत्र से होते हुये उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व पहुँची थी, उसके बीमार होने की जानकारी पर इलाज..

IMG-20260117-WA0032

गरियाबंद। उदंति सीतानदी रिजर्व फारेस्ट में वन्यजीव संरक्षण के मद्देनजर किया गया एक प्रयास विफल हो गया। वन विभाग की टीम के द्वारा तमाम कोशिशों के बावजूद एक बीमार हथिनी को नहीं बचाया जा सका।

गरियाबंद, यूएसटीआर में बीमार हथिनी की मौत

मिली जानकारी के अनुसार ओडिशा से भटक कर आई लगभग 10 से 12 वर्ष उम्र की एक हथिनी ने सात दिनों तक चले गहन इलाज के बाद शुक्रवार को दम तोड़ दिया।

उप निदेशक वरुण जैन ने बताया कि 22 दिसंबर को उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के स्टाफ को जानकारी मिली थी कि हथिनी कुछ खा नहीं पा रही है, क्योंकि उसका मल नहीं मिल रहा था।

गंभीर स्थिति में हथिनी गरियाबंद और धमतरी क्षेत्र से होते हुये उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व पहुँची थी, उसके बीमार होने की जानकारी पर इलाज किया जा रहा था, बीच में उसकी हालत में कुछ सुधार भी हुआ था—वह मल त्याग करने लगी थी और थोड़ा-बहुत खाना भी शुरू कर दिया था। किन्तु 15 जनवरी को अचानक उसकी तबीयत फिर से बिगड़ गई।

उपचार के लिये जंगल सफारी और कानन पेंडारी जू के विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी सहायता ली गई थी। तमाम प्रयासों के बावजूद हथिनी को बचाया नहीं जा सका और आज सुबह उसने अंतिम सांस ली।

 

इससे पहले सितंबर 2025 में इसी प्रकार की बीमारी से ग्रस्त एक नर हाथी को सफलतापूर्वक उपचार के माध्यम से बचा लिया गया था।

You cannot copy content of this page