जमानत रद्द कराने कोर्ट जायेगा वन विभाग,जिओ-रेफरेंस्ड साक्ष्य, फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी से रखी जा रही है कड़ी निगरानी
धमतरी/गरियाबंद । उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व (USTR) प्रबंधन ने वन भूमि पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास करने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। टाइगर रिज़र्व प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुये कहा है कि केवल अतिक्रमण हटाना ही कार्रवाई का अंतिम चरण नहीं है। यदि किसी ने भी मुक्त कराई गई भूमि पर पुनः प्रवेश,अवैध खेती,निर्माण या पुनर्स्थापित वन आवास को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया, तो उसके विरुद्ध नये सिरे से आपराधिक प्रकरण (Fresh POR) दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।
जमानत व अग्रिम जमानत को कोर्ट में दी जायेगी चुनौती
टाइगर रिज़र्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने इस तरह के प्रयासों पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है, उन्होंने बताया कि जिन आरोपियों को पूर्व में न्यायालय से जमानत या अग्रिम जमानत मिली है, यदि वे पुनः वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध कार्य में लिप्त पाये जाते हैं, तो उनके आचरण और पुराने व नये अतिक्रमण से जुड़े पुख्ता साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किये जायेंगे, साथ ही उनकी जमानत रद्द कराने हेतु कानूनी प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
उदंति सीतानदी टाईगर रिजर्व प्रबंधन का स्पष्ट मत है कि पुनर्स्थापित वन्यजीव आवास को दोबारा अतिक्रमण के कारण नष्ट नहीं होने दिया जायेगा।
हाईटेक तकनीक और साक्ष्य संकलन से निगरानी मजबूत
वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये निगरानी तंत्र को आधुनिक एवं कड़ा किया जा रहा है। इसके तहत:
संवेदनशील व पुनर्स्थापित क्षेत्रों का नियमित स्थल निरीक्षण किया जा रहा है।
फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और जिओ-रेफरेंस्ड (Geo-referenced) डिजिटल साक्ष्य संकलित किये जा रहे हैं। सभी तकनीकी माध्यमों से जुटाए गये साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि किसी भी नये उल्लंघन पर त्वरित कानूनी सजा दिलाई जा सके।
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