एग्रोस्टेक पोर्टल की गड़बड़ियों से किसान बेहाल, टोकन प्रणाली तत्काल बंद करने की मांग : प्रदेश किसान कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

किसान कांग्रेस ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पूर्व सैनिक, कोटवार तथा वनाधिकार पट्टा धारक किसानों….

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गरियाबंद। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस, छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा धान खरीदी के लिये लागू की गई एग्रो पोर्टल आधारित टोकन व्यवस्था को किसानों के लिये बेहद कठिन और त्रासदायी बताते हुये इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की है। प्रदेश किसान कांग्रेस के महामंत्री गजेन्द्र सिंह सिन्हा ने सोमवार को राज्यपाल महोदय के नाम देवभोग अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपकर कहा कि यह व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि एग्रो पोर्टल में लगातार तकनीकी गड़बड़ियों और मनमाने निर्णयों के चलते हजारों किसान आज भी पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं, और न ही उनका टोकन कट पा रहा है। किसान कांग्रेस की केन्द्रीय इकाई द्वारा की गई समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ है कि वर्तमान टोकन प्रणाली किसानों को समय पर धान बेचने से रोक रही है।

 टोकन न मिलने पर किसान द्वारा आत्महत्या का प्रयास

ज्ञापन में महासमुंद जिले के एक किसान, मनबोध, द्वारा टोकन न मिलने की वजह से आत्महत्या का प्रयास किये जाने की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और व्यवस्था की असफलता का प्रमाण बताया गया है।

मुख्य समस्यायें –

किसान कांग्रेस ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पूर्व सैनिक, कोटवार तथा वनाधिकार पट्टा धारक किसानों की शासकीय भूमि का पंजीयन एग्रो पोर्टल पर संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे वे धान बेचने के अधिकार से वंचित हो रहे हैं।

किसान कांग्रेस के महामंत्री गजेंद्र सिंह सिन्हा ने कहा कि एग्रो पोर्टल से पंजीयन प्रक्रिया तत्काल बंद की जाये।

वंचित किसानों का पंजीकरण सोसायटी के माध्यम से मैनुअल या किसी वैकल्पिक व्यवस्था से शुरू किया जाये। एग्रो पोर्टल को बंद कर पुरानी, सुचारू धान खरीदी पद्धति पुनः लागू की जाये।

किसानों को पहले की तरह 3 टोकन उपलब्ध कराये जायें।

पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को तुरंत ठीक किया जाये।

20 दिसंबर से प्रदेशव्यापी धरना का अल्टीमेटम

किसान कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शासन इन मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लेता, तो संगठन 20 दिसंबर 2025 से पूरे प्रदेश में लगातार धरना-प्रदर्शन करेगा।

ज्ञापन में कहा गया कि सरकार को किसान हित को सर्वोपरि रखते हुये धान खरीदी की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनानी चाहिए, अन्यथा आंदोलन के लिए किसान कांग्रेस बाध्य होगी।


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