संपत्ति मूल्य निर्धारण में सरलीकरण का दावा…
किरीट ठक्कर, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे प्रदेश में नई गाइडलाइन दरें लागू कर दी हैं। इसके साथ ही संपत्ति मूल्य निर्धारण की जटिलताओं को दूर करते हुये आसमानी दरों को सुधारकर संतुलित किये जाने के सरकारी दावे किये जा रहे हैं।
गरियाबंद जिला पंजीयक के अनुसार, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में एक ही सड़क पर अलग-अलग दरों का अंतर आम लोगों के लिये बड़ी परेशानी बना हुआ था। नई गाइडलाइन में इन असमानताओं को खत्म कर दरों को एक समान किया गया है।
पहले गरियाबंद जिले के नगरीय क्षेत्रों के 60 वार्डों में 119 कंडिकायें थीं, जिन्हें परिसीमन और सरलीकरण के बाद अब 61 कर दिया गया है। सभी वार्डों में सड़कों के नाम और पहचान स्पष्ट किये गये है, जिससे संपत्ति का मूल्यांकन अधिक पारदर्शी और सुगम होगा।

मुख्य मार्गों और अंदरूनी क्षेत्रों की दरों में भी सुधार कर उन्हें संतुलित किया गया है। उदाहरण के तौर पर, गरियाबंद नगर के साई मंदिर वार्ड में पहले एक ही मार्ग के दो अलग-अलग दर तय थे, जिन्हें संशोधित कर अब समान दरें लागू की गई हैं। अब इन्हें एक समान कर दिया गया है।
जैसे –
साई मंदिर वार्ड (गरियाबंद) में मुख्य मार्ग की दरें 5467 और 5090 रुपये थीं। इन्हें रेशनलाइज करके केवल 20% वृद्धि के साथ 6600 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। अंदरूनी क्षेत्र की दर 4800 रुपये रखी गई है।
कृषि भूमि और परिवर्तित भूमि की दर अब समान
पहले कृषि भूमि और परिवर्तित भूमि की गणना अलग-अलग होती थी, जिससे लोग भ्रमित रहते थे। नई गाइडलाइन में दोनों के लिये एक समान स्लैब तय किया गया है – अब नगरीय क्षेत्रों में 0.15 हेक्टेयर तक जमीन की गणना वर्गफीट आधार पर ही होगी।
नई गाइडलाइन में कृषि और परिवर्तित भूमि की दरों को भी एक जैसी कर दिया गया है। इससे पंजीयन और स्टाम्प शुल्क में कमी आयेगी तथा आम जनता को आर्थिक राहत मिलेगी।
देवभोग और कोपरा भी गाइडलाइन में शामिल

देवभोग और कोपरा को भी पहली बार गाइडलाइन क्षेत्र में शामिल किया गया है। जिला पंजीयक ने बताया कि नई गाइडलाइन का उद्देश्य संपत्ति का सही मूल्य निर्धारण, प्रक्रिया का सरलीकरण और जनता को अधिक सुविधा प्रदान करना है।
नई दरें 20 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में लागू हो चुकी हैं।







