जल संसाधन विभाग गरियाबंद की गंभीर चूक : कार्यालय की संपत्ति होगी कुर्क….

पुनर्वासन एवं व्यवस्थापन न्यायालय द्वारा जल संसाधन संभाग गरियाबंद कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश …

Oplus_16908288

Oplus_16908288

हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना, मुआवजा राशि जमा न करने पर विभाग पर गिरी कार्रवाई की तलवार..

किरीट ठक्कर, गरियाबंद। भ्र्ष्टाचार के आरोपों से घिरे जल संसाधन संभाग गरियाबंद के अधिकारियों की लापरवाही, अब विभाग पर ही भारी पड़ने जा रही है। माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के स्पष्ट आदेशों के बावजूद विभाग द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि जमा नहीं किये जाने के कारण अब कार्यालय की संपत्ति कुर्क होने की नौबत आ गई है।

पुनर्वासन एवं व्यवस्थापन न्यायालय द्वारा जल संसाधन विभाग गरियाबंद कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है।

आपको बता दें कि लगभग दो वर्ष पूर्व, मुआवजा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तय मापदंडों के आधार पर मुआवजा राशि का भुगतान करने का आदेश जारी किया था। विभागीय अधिकारियों ने हाई कोर्ट के आदेश के दो साल बाद भी याचिकाकर्ता को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया। याचिकाकर्ता द्वारा लगातार आवेदन और स्मरण पत्र लिखने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ पाई।

जल संसाधन विभाग के अफसरों के अड़ियल रवैये से परेशान याचिकाकर्ता ने भू-अर्जन पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन न्यायालय, रायपुर के समक्ष मामला दायर कर मुआवजा राशि की मांग की। आवेदनकर्ता ने दो साल पहले जल संसाधन विभाग के अफसरों को हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश की जानकारी भी दी थी, दुर्गा देवी स्मृति सेवा समिति को मुआवजा राशि देने का निर्देश हाई कोर्ट ने दो वर्ष पहले दिये थे। लेकिन विभाग द्वारा इस आदेश का पालन नहीं किया गया।

मुआवजा राशि प्राधिकरण में जमा करने के लिये पूर्व में कार्यपालन अभियंता, गरियाबंद को निर्देशित किया गया था। पिछले आदेश में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि राशि जमा न करने पर कुर्की वारंट जारी किया जायेगा। इसके बाद भी निर्धारित तिथि में कार्यपालन अभियंता अनुपस्थित रहे और उनकी ओर से मुआवजा राशि जमा नहीं की गई।

मिली जानकारी के अनुसार मुआवजा जमा करने के लिये अतिरिक्त समय देने के अनुरोध को प्राधिकरण द्वारा खारिज कर दिया गया।

प्राधिकरण ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट द्वारा एफ.ए.एन. क्रमांक 272/2018 (श्रीमती दुर्गा देवी स्मृति सेवा समिति बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में दिनांक 07 नवंबर 2023 को दिये गये आदेश की जानकारी होने के बावजूद दो वर्ष बाद भी विभाग ने इसका पालन नहीं किया है।

वित्तीय भार अब शासन पर..

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश की अवहेलना से प्रतिदिन ब्याज बढ़ रहा है, जिसका अतिरिक्त वित्तीय भार सीधे शासन पर पड़ेगा। कई अवसर दिये जाने के बाद भी विभाग द्वारा आदेशों का पालन  न करने को गंभीर चूक मानते हुये प्राधिकरण ने अब अंतिम कार्रवाई की ओर कदम बढ़ाया है।

आदेश में आवेदक को निर्देशित किया गया है कि जल संसाधन विभाग गरियाबंद के कार्यालय से संबंधित संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत किया जाये, ताकि उनके विरुद्ध कुर्की वारंट जारी किया जा सके। संपत्ति का विवरण प्रस्तुत होते ही विधिवत कुर्की वारंट जारी किया जायेगा।

प्रकरण अब कुर्की वारंट तामिली रिपोर्ट हेतु 17 दिसंबर 2025 को निर्धारित किया गया है।

मुख्य खबरें

You cannot copy content of this page