गरियाबंद में भी प्रश्नपत्र में विवादित सवाल : पूछा – कुत्ते का नाम शेरू या राम

गरियाबंद में भी प्रश्नपत्र में विवादित सवाल : पूछा - कुत्ते का नाम शेरू या राम

गरियाबंद। महासमुंद के बाद गरियाबंद में भी प्राथमिक स्कूली परीक्षा के प्रश्न पत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां भी कक्षा चौथी के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में भगवान राम के नाम के कथित अपमान का मामला सामने आया है।

गरियाबंद में भी प्रश्नपत्र में विवादित सवाल : पूछा - कुत्ते का नाम शेरू या राम

जानकारी सामने आते ही हिंदू संगठनों में अत्यधिक आक्रोश देखने में आ रहा है। शनिवार को विहिप, अखिल भारतीय हिन्दू परिषद, बजरंग दल और विद्यार्थी परिषद द्वारा संयुक्त रूप से इस पर आक्रोश और आपत्ति जताई गई और विरोध में तिरंगा चौक में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी का पुतला भी फूंका गया।

इसके बाद हिन्दू संगठनों द्वारा डीईओ पर कार्यवाही की मांग के लिये एसडीएम ( रा) को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

लोगों का आक्रोश इतने पर भी नहीं थमा, इसके बाद सिटी कोतवाली पहुंचकर दोषियों पर कानूनी कार्यवाही के लिये एफआईआर दर्ज करने शिकायत दर्ज कराई गई है।

आपको बता दें कि गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड में आयोजित अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान कक्षा चौथी के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में एक ऐसा सवाल सामने आया, जिसे लेकर भगवान राम के नाम के अपमान का आरोप लगाया जा रहा है। जैसे ही यह सवाल शिक्षकों और अभिभावकों की नजर में आया, मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि प्रश्न पत्र तैयार करने में न तो सावधानी बरती गई और न ही धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखा गया।

मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों द्वारा आक्रोश व्यक्त किया गया। गरियाबंद विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष प्रकाश निर्मलकर, अखिल भारतीय हिन्दू परिषद, प्रदेश महामंत्री परस देवांगन, बजरंग दल के जिला संयोजक मोहित साहू और विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक क्षितिज नारायण तिवारी सहित संगठनों ने शिक्षा विभाग पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुयर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले महासमुंद जिले में भी स्कूली परीक्षा को लेकर विवाद सामने आ चुका है, लगातार हो रही इन घटनाओं ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं, बहरहाल जांच के बाद ही यह साफ हो पायेगा कि यह गलती थी या लापरवाही। किन्तु सवाल यह है कि छोटी कक्षाओं की परीक्षाओं में ऐसी गंभीर चूक कैसे हो रही है ? और क्या जिम्मेदारों पर वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई होगी ? या जांच के नाम पर मामला रफा-दफा कर दिया जायेगा।


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