वृंदावन के संत एवं बृजेश्वरी राधे सेवा संस्थान संस्थापक अध्यक्ष आशु कृष्ण शास्त्री जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास संपन्न : धर्मांतरण के खिलाफ एकजुटता का दिया संदेश

आशु कृष्ण शास्त्री जी का प्रथम बार छत्तीसगढ़ की पावन धरा (प्रयाग कुंभ नगरी नवापारा-राजिम) में भव्य आगमन हुआ। अपने 3 दिवसीय प्रवास के दौरान..

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नवापारा-राजिम। वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत एवं भागवत भूषण,महाराज श्री आशु कृष्ण शास्त्री जी का प्रथम बार छत्तीसगढ़ की पावन धरा (प्रयाग कुंभ नगरी नवापारा-राजिम) में भव्य आगमन हुआ। अपने 3 दिवसीय प्रवास के दौरान महाराज श्री ने विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और भक्तजनों को आशीर्वाद प्रदान किया।

शिवरीनारायण मठाधीश से लिया आशीर्वाद

छत्तीसगढ़ ​प्रवास के पहले दिन,7 अगस्त को महाराज श्री ने शिवरीनारायण पहुँचकर मठाधीश डॉ.महंत राजेश्री रामसुंदर दास जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

नगर में भव्य स्वागत एवं धार्मिक कार्यक्रम

​8 अगस्त को प्रातः 10 बजे नवापारा नगर बस स्टैंड चौक स्थित श्री शर्मा भोजनालय हनुमान जी मंदिर में महाराज श्री का नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात वे संदीप भाई कोटक के निवास पहुँचे।

​दोपहर 12 बजे पावन धाम चंपारण में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी की प्राकट्य स्थली एवं यमुना जी के दर्शन कर महाप्रसादी ग्रहण की। शाम 5 बजे श्री गोवर्धन नाथ जी हवेली मंदिर में आयोजित दर्शन-कीर्तन में सम्मिलित हुए, जहाँ ‘श्री सकल गुजराती समाज’ द्वारा वल्लभाचार्य जी एवं गोवर्धन नाथ जी की छायाचित्र-मोमेंटो भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इसके बाद महाराज श्री ने मयूर भाई मनियार के निवास स्थान पहुँचकर परिवारजनों को आशीर्वाद दिया।

​’चंपारण साक्षात छत्तीसगढ़ का वृंदावन’

चंपारण छत्तीसगढ़

​9 अगस्त (रविवार) की सुबह महाराज श्री ने श्री राजीव लोचन भगवान एवं कुलेश्वर महादेव जी के दर्शन व जलाभिषेक कर क्षेत्रवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान अपने संदेश में उन्होंने कहा -​”राजिम धर्म की पावन नगरी है और महानदी मोक्षदायिनी त्रिवेणी संगम है। चंपारण का अद्भुत मंदिर, विट्ठल जी की हवेली,गौशाला और वन की हरियाली देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यह साक्षात छत्तीसगढ़ का वृंदावन हो।”

धर्मांतरण के खिलाफ एकजुटता का आह्वान

​महाराज श्री ने धर्मविरोधी ताकतों और धर्मांतरण की प्रवृत्ति पर कड़ा संदेश देते हुये कहा कि “संगठित हिंदू, समर्थ भारत” की परिकल्पना को साकार करने के लिये सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि हिंदुत्व उत्थान और धर्म प्रचार के लिये वे सदैव छत्तीसगढ़ वासियों के साथ खड़े रहेंगे।

वृंदावन के लिये प्रस्थान

​सभी धार्मिक कार्यक्रमों एवं दर्शन-पूजन के पश्चात रविवार दोपहर महाराज श्री का पुनः वृंदावन के लिये प्रस्थान हुआ।
​इस संपूर्ण 3 दिवसीय आयोजन का सफल संचालन श्री ब्रजेश्वरी राधे सेवा संस्थान (रजि.) के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष संजय शुक्ला जी (शिवरीनारायण) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विशेष रूप से मयूर मणियार,संदीप भाई कोटक, संकट मोचन सुंदरकांड समिति के सदस्यगण—संजय शर्मा,ललित पांडे,शिव तिवारी,संजय वंदलकर, श्रीमती निर्मला साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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