अब भी खानापूर्ति कार्यवाही के आरोप
साजु चाको, बालोद । नगर के सदर रोड पर लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण विवाद के बीच आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कदम तब उठाया गया जब स्थानीय नागरिक चंद्रभान साहू द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया और मामले ने जनचर्चा का रूप ले लिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से आम नागरिक सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रशासन के चक्कर काटते रहे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई गंभीर पहल नहीं हुई। वहीं, जैसे ही राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ा, सरकारी अमला तत्काल सक्रिय हो खाना पूर्ति करने लगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रशासन केवल राजनीतिक दबाव में ही काम करता है ? आम जनता की समस्याएँ क्या बिना किसी प्रभावशाली हस्तक्षेप के अनसुनी रह जाती हैं ?
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सदर रोड पर अतिक्रमण और अव्यवस्था लंबे समय से आम लोगों के लिये परेशानी का कारण बनी हुई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने रहे। अब अचानक हुई कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि कुछ राजनीतिक ताकतें आम नागरिकों की आवाज़ से अधिक प्रभावशाली साबित हो रही हैं।
हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और सार्वजनिक मार्ग को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है।
इस अधूरी कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। और वही कुछ धन्ना सेठों को संरक्षण और करवाही से अलग रखने की बात कही जा रही है। लोग का रुझान इस करवाही में आना प्रारंभ हो चुका है और इसे महज एक खाना पूर्ति का जमा पहनाया गया है।







