सड़क पर घुमन्तु मवेशी : बैठकों के आदेशों से आगे जवाबदेही और जनभागीदारी की दरकार

राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर डेरा जमाये मवेशी, वाहन चालकों के लिये जानलेवा साबित हो रहे हैं। रात के अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु अचानक..

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​गरियाबंद। जिला कार्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति और एनकार्ड की बैठक में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये सख्त निर्देश जारी किये हैं । बैठक में आवारा मवेशियों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं हादसों को रोकने के लिये हेल्पलाइन नंबरों (1033 एवं 1100) के प्रचार-प्रसार, ‘पीएम राह-वीर योजना’ के तहत घायलों की मदद करने वालों को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि देने और नेशनल हाईवे से अतिक्रमण हटाने जैसे निर्देश प्रमुखता से दिये गये है।

गरियाबंद। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

​प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में दुर्घटनाओं में आंशिक कमी जरूर दर्ज की गई है,लेकिन ज़मीनी हकीकत यह सवाल खड़ा करती है कि क्या केवल प्रशासनिक बैठकों और कागजी निर्देशों से इस गंभीर समस्या का निदान हो पायेगा ?

​निर्देशों और धरातल के बीच की खाई

जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर डेरा जमाये मवेशी, वाहन चालकों के लिये जानलेवा साबित हो रहे हैं। रात के अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु अचानक सामने आ जाने से गंभीर हादसे होते हैं। ​प्रशासन हर बार हेल्पलाइन नंबर जारी कर नागरिकों से शिकायत दर्ज कराने की अपील करता है, किंतु व्यावहारिक स्तर पर कई चुनौतियां जस की तस हैं।

​कांजी हाउस और गौठानों स्थिति

प्रायः सड़क पर से पकड़े गये मवेशियों को रखने के लिये पर्याप्त व्यवस्था,चारे और देखरेख का अभाव बना रहता है। ​मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान और उन पर अर्थदंड लगाने का तंत्र अभी भी सुस्त है।

इस गंभीर मसले पर ​विभागीय समन्वय का अभाव साफ तौर पर नजर आता है। नगरीय निकाय, पंचायत विभाग,लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस प्रशासन के बीच वास्तविक तालमेल कागजों तक ही सीमित दिखता है।

​नागरिक कर्तव्य और विभागीय जवाबदेही

​कलेक्टर द्वारा दिये गये निर्देश तभी प्रभावी हो सकते हैं जब तीन स्तरों पर ठोस काम हो,सबसे पहले तो आवारा छोड़े गये पालतू पशुओं की इयर-टैगिंग के जरिये उनके मालिकों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगाया जाये।

​दूसरे टोल-फ्री नंबर 1033 और 1100 पर मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिये समर्पित पेट्रोलिंग वाहन और टीम तैनात हों,और केवल शिकायत दर्ज कराना ही नहीं, बल्कि मवेशियों को सड़क पर न छोड़ना भी पशुपालकों की नागरिक जिम्मेदारी बने।

​बैठक में ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों को अस्पताल पहुंचाने,नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन रोकने और हेलमेट-सीटबेल्ट की अनिवार्यता जैसे बिंदुओं पर भी बल दिया गया है। कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा नेशनल हाईवे से अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिये हैं।

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