किरीट ठक्कर, गरियाबंद। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लक्ष्य पूरा होता नही दिख रहा है। हालिया मिली जानकारी से कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है।

जिले की कुछ समितियों से इस संबंध में हमने जानकारी जुटाई है।
इनमें फिंगेश्वर ब्लॉक के उपार्जन केंद्र जेन्जरा की बात करें, तो यहां पिछले वर्ष 2025 में समर्थन मूल्य पर 70 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई थी, इस वर्ष 19 जनवरी 2026 तक लगभग 48.904 क्विंटल खरीदी की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 22 हजार क्विंटल धान की खरीदी इस उपार्जन केंद्र में शेष है, और दिन बचे है केवल आठ ?
इस समिति में प्रति दिन 1600 क्विंटल खरीदी लिमिट तय है। अब ऐसे में यदि प्रति दिन 1600 क्विंटल के मान से 8 दिनों खरीदी की जायेगी, तब 12 हजार 800 क्विंटल धान खरीदा जा सकेगा। इसके बाद लगभग 10 हजार क्विंटल धान खरीदी कैसे हो पायेगी ? ये विचारणीय प्रश्न है।
कुछ ऐसी ही जानकारी उपार्जन समिति देवरी की है, जहां 1053 किसान पंजीकृत है। यहाँ पिछले साल कुल 54 हजार क्विंटल धान खरीदा गया था, इस वर्ष 19 जनवरी 2026 तक 41हजार 478 क्विंटल खरीदा गया है, शेष बचे 8 दिनों में लगभग 13,000 क्विंटल धान की खरीदी होनी है।
प्रतिदिन 1400 क्विंटल की लिमिट के हिसाब से 8 कार्य दिवस में 11,200 क्विंटल धान की खरीदी हो सकेगी, इसके बाद लक्ष्य अनुरूप लगभग 1,800 क्विंटल धान की खरीदी अधर में होगी।
इसके अतिरिक्त यदि पूरे जिले के खरीदी आंकड़ों का विश्लेषण करें तो, 19 जनवरी 2026 तक पूरे जिले में 4 लाख 40 हजार 976 मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है, जो कि पिछले वर्ष की इसी तारीख की तुलना में 27 हजार 790 मीट्रिक टन कम है।
पिछले वर्ष गरियाबंद जिले में कुल खरीदी 5 लाख 35 हजार 350 मीट्रिक टन की गई थी, इस वर्ष 19 जनवरी के कुल खरीदी के आंकड़े है 4 लाख 40 हजार 976 मीट्रिक टन, इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में 94 हजार 374 मीट्रिक टन धान की खरीदी शेष बचे 8 दिनों में हो पायेगी। ये अहम सवाल है।

– जिले में धान खरीदी की गति धीमी है, किसानों का एग्रिस्टेक पोर्टल में रकबा काट दिया गया है, किसान आज दिनाँक तक टोकन के लिये समितियों का चक्कर लगा रहे हैं।
* सुखचंद बेसरा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष गरियाबंद।

तोरणलाल ध्रुव, ग्राम – मूडतराईI
– खरीदी की तय समय सीमा नजदीक है,उपार्जन केंद्रों की प्रति दिन की खरीदी लिमिट बढ़ाया जाना चाहिये। अब तक हम धान बेच नही पाये है। टोकन कटने में परेशानी है।
* कृषक जालम राम साहू, ग्राम जेन्जरा
* तोरण लाल ध्रुव, मुड़तराई







